रियल एस्टेट को लेकर बदली महिलाओं की सोच, 73% अब रेंटल इनकम और रिटर्न को दे रहीं प्राथमिकता: पढ़ें Magicbricks की रिपोर्ट

भारतीय रियल एस्टेट मार्केट तेजी से बड़ा हो रहा है। मेट्रो शहरों के अलावा अब टियर टू और थ्री शहरों में रियल एस्टेट तेजी से बड़ा हो रहा है। रियल एस्टेट मार्केट के विस्तार में महिलाओं का बड़ा सपोर्ट मिल रहा है। मैजिकब्रिक्स की सर्वे रिपोर्ट के अनुसार, प्रॉपर्टी खरीदने में महिलाओं की हिस्सेदारी तेजी से बढ़ी है।

भारत के हाउसिंग मार्केट में महिलाएं की हिस्सेदारी तेजी से बढ़ रही है। मैजिकब्रिक्स की ताजा सर्वे रिपोर्ट से पता चलता है कि प्रॉपर्टी के मालिकाना हक और निवेश को लेकर महिलाओं के नजरिए में बड़ा बदलाव आया है। मैजिकब्रिक्स डेटा से पता चलता है कि महिलाएं रियल एस्टेट को मुख्य रूप से एक फाइनेंशियल एसेट क्लास के तौर पर देख रही हैं। इनमें से लगभग 73% महिलाएं रेंटल इनकम (35%), कीमत में वृद्धि (25%), और पोर्टफोलियो डाइवर्सिफिकेशन (13%) को अपने मुख्य फाइनेंशियल गोल के तौर पर प्राथमिकता दे रही हैं। इससे पता चलता है कि महिलाएं रियल एस्टेट को पूरी तरह से कंजम्प्शन-बेस्ड खरीदारी के बजाय बड़े पैमाने पर एक फाइनेंशियल एसेट क्लास के तौर पर देख रही हैं।

Women in Real Estate

रियल एस्टेट में महिलाएं

निवेश के लिए गगनचुंबी इमारतें पहली पंसद

इन्वेस्टमेंट-फर्स्ट वाली यह सोच सीधे तौर पर प्रॉपर्टी टाइप की पसंद पर असर डाल रही है, जिसमें मल्टी-स्टोरी अपार्टमेंट की डिमांड 52% है। इस फॉर्मेट का मैनेज्ड इंफ्रास्ट्रक्चर, रीसेल लिक्विडिटी और रेंटल वायबिलिटी इसे फाइनेंशियली ड्रिवन खरीदारों के लिए खास तौर पर आकर्षक बनाती है। दिल्ली NCR महिलाओं की भागीदारी के लिए सबसे मजबूत रीजनल हब के रूप में उभरा है, जो कुल हिस्सेदारी का 41% है, जो देशभर में सबसे ज्यादा है। इस रीजन में, दिल्ली (18%) और नोएडा/ग्रेटर नोएडा (16%) हिस्सेदारी के साथ क्रमश: पहले और दूसरे स्थान पर है।

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