Wipro Q1 Financial Result: देश की प्रमुख आईटी सर्विस फर्म विप्रो (Wipro) ने 13 जुलाई को चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही के वित्तीय नतीजे पेश कर दिए। जून तिमाही में विप्रो का प्रोफिट पिछले साल की समान तिमाही के मुकाबले 11.9 प्रतिशत बढ़ा। हालांकि सभी प्रमुख फाइनेंशियल मेट्रिक्स में गिरावट के चलते मार्च तिमाही के मुकाबले जून तिमाही में विप्रो का मुनाफा 6.6 प्रतिशत कम हो गया।
विप्रो के जून तिमाही नतीजे
कितना रहा मुनाफा
जून तिमाही में विप्रो का प्रोफिट 2,870 करोड़ रुपये रहा। बेंगलुरु स्थित आईटी सर्विस प्रमुख कंपनी ने एक साल पहले की अवधि में 2,563 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ कमाया था। जून तिमाही में कंपनी की इनकम सालाना आधार पर 6 प्रतिशत बढ़कर 22,831 करोड़ रुपये हो गई, जबकि पिछले साल वित्त वर्ष की समान तिमाही यह 21,528 करोड़ रुपये रही थी।
कॉन्सटेंट करेंसी में रेवेन्यू
कॉन्सटेंट करेंसी के संदर्भ में, राजस्व में तिमाही-दर-तिमाही 2.8% की गिरावट आई। पहली तिमाही के लिए कंपनी का ऑपरेटिंग मार्जिन 16% था, जो साल-दर-साल 112 आधार अंक का विस्तार था।
कर्मचारियों की संख्या घटी
बेंगलुरु स्थित आईटी प्रमुख विप्रो ने कहा कि जून तिमाही में इसके कर्मचारियों की संख्या में 8,812 लोगों की कमी आई है, जबकि मर्जी से नौकरी छोड़ने की दर तिमाही-दर-तिमाही कम होकर 8 तिमाही के निचले स्तर (14%) पर आ गई है।
कितने कर्मचारी रह गए
विप्रो की कुल कर्मचारी संख्या वित्त वर्ष 2023 के अंत में 258,570 से घट कर जून तिमाही के अंत में 249,758 रह गई। ट्रेनियों को छोड़कर, इसका शुद्ध उपयोग (नेट यूटिलाइजेशन) वित्त वर्ष 2022-23 की चौथी तिमाही में 81.7 फीसदी से बढ़ कर जून तिमाही में 83.7% हो गया।
वहीं जून तिमाही के दौरान टीसीएस ने 523 कर्मचारियों शामिल किए, जबकि एचसीएल टेक्नोलॉजीज ने तिमाही के दौरान 2,506 कर्मचारियों की कमी दर्ज की।
