US-Iran Tensions: अमेरिका द्वारा 22 जून 2025 को ईरान के तीन परमाणु ठिकानों—फोर्डो, नतांज, और इस्फहान—पर B-2 स्टील्थ बॉम्बर्स से किए गए हमले ने वैश्विक बाजारों में हलचल मचा दी है। सोना, एक सुरक्षित निवेश (safe-haven asset) माना जाता है, और भू-राजनीतिक तनाव बढ़ने पर इसकी मांग अकसर बढ़ जाती है। इजरायल-ईरान संघर्ष के पहले दिन सोने की कीमतों में उछाल देखा गया, जब MCX पर सोना 1,00,403 रुपये प्रति 10 ग्राम के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया। हालांकि, हाल के दिनों में कीमतों में कुछ गिरावट आई, और 21 जून को MCX पर सोना 99,096 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ। अब आगे सोने की कीमत कहां जा सकती है, जानते हैं।
Gold में आएगी तेजी या नहीं?
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फिर एक लाख के पार जाएगा सोना
अमेरिका के हमले के बाद सोने की कीमतों में तत्काल तेजी की उम्मीद थी, लेकिन निवेशकों ने अन्य एसेट्स में नुकसान की भरपाई के लिए बुलियन पोजीशन कम की, जिससे कीमतें स्थिर हुईं। वैश्विक बाजार में स्पॉट गोल्ड 0.2% गिरकर 3,365.51 डॉलर प्रति औंस और यूएस गोल्ड फ्यूचर्स 0.7% गिरकर 3,385.50 डॉलर पर रहे।
इसके बावजूद, विश्लेषकों का मानना है कि यदि तनाव बढ़ता है, तो सोना फिर से 1,00,000 रुपये के स्तर को पार कर सकता है, क्योंकि कमजोर रुपये और अनिश्चितता निवेशकों को सोने की ओर आकर्षित कर रही है।
अगस्त वायदा को 97,000 रुपये पर सपोर्ट?
अमेरिकी डॉलर की मजबूती, हाई बॉन्ड यील्ड्स और फेडरल रिजर्व की ब्याज दर नीतियों को लेकर अनिश्चितता ने सोने की कीमतों पर दबाव डाला है। गोल्डमैन सैक्स का अनुमान है कि 2025 के अंत तक सोना 3,700 डॉलर प्रति औंस और 2026 तक 4,000 डॉलर तक पहुंच सकता है।
भारत में, MCX पर अगस्त वायदा को 97,000 रुपये पर सपोर्ट मिल सकता है, और यदि यह स्तर बना रहता है, तो कीमतें 1,05,000 रुपये तक जा सकती हैं।
कीमतें बढ़ने की भारी आशंका
अमेरिका-ईरान तनाव से सोने की कीमतों में तत्काल उछाल की संभावना है, लेकिन यह फेड नीतियों और वैश्विक आर्थिक कारकों पर निर्भर करेगा। लंबी अवधि में, सोने की मांग मजबूत रहने की उम्मीद है, खासकर यदि मध्य पूर्व में तनाव बढ़ता है। जानकारों के अनुसार निवेशकों को सतर्क रहकर ‘Sell-on-Rise’ रणनीति अपनानी चाहिए।
