Why Gold Silver Price Falling Today। आज सोने चांदी में कितनी गिरावट आई। ग्लोबल बुलियन मार्केट में शुक्रवार को ऐतिहासिक बिकवाली देखने को मिली है। यह इतिहास की सबसे बड़ी इंट्राडे गिरावट है। भारत में MCX पर जहां चांदी 25 फीसदी से ज्यादा गिरावट के साथ बंद हुई। वहीं, खबर लिखे जाते समय तक COMEX और अमेरिकी स्पॉट मार्केट में चांदी में 32 फीसदी से ज्यादा की गिरावट दर्ज की जा चुकी है।
सोना चांदी धड़ाम
भारत की GDP जितनी दौलत साफ
ग्लोबल मार्केट में आई इस गिरावट ने यह साफ कर दिया कि यह सामान्य करेक्शन नहीं, बल्कि बुलियन मार्केट का बड़ा री-प्राइसिंग इवेंट है, जिससे एक ही झटके में गोल्ड और सिल्वर में मिलाकर 4.7 लाख करोड़ डॉलर यानी करीब ₹400 लाख करोड़ की वैल्यू साफ हो गई। यह रकम भारत की सालाना GDP से भी बड़ी है। वहीं, दूसरे शब्दों में देखें, तो यह रकम करीब उतनी ही है, जितनी भारतीय शेयर बाजार में लिस्टेड सभी कंपनियों का मार्केट कैप है।
MCX पर चांदी: भारतीय बाजार की सबसे बड़ी इंट्राडे गिरावट
भारतीय कमोडिटी बाजार में MCX पर चांदी ने ऐतिहासिक टूट दर्ज की। हालिया रिकॉर्ड हाई के बाद चांदी 32–34% तक फिसल गई। एक ही ट्रेडिंग सेशन में कीमतों का इस तरह भरभरा जाना MCX के इतिहास में पहले कभी नहीं देखा गया। रिकॉर्ड ऊंचाई पर बनी भारी लॉन्ग पोजिशन जैसे ही अनवाइंड हुई, बिकवाली ने रफ्तार पकड़ ली और गिरावट गहराती चली गई।
COMEX और US Spot Silver: 2011 का रिकॉर्ड भी पीछे
अंतरराष्ट्रीय बाजार में COMEX पर सिल्वर फ्यूचर्स 31–33% तक टूट गए। यह गिरावट 2011 की चर्चित क्रैश से भी बड़ी मानी जा रही है। वहीं अमेरिकी स्पॉट मार्केट में चांदी $121.64 प्रति औंस के रिकॉर्ड हाई से सीधे $80–81 के दायरे में आ गई। स्पॉट और फ्यूचर्स—दोनों में एक साथ आई यह गिरावट इस बात का संकेत है कि चांदी में बना स्पेकुलेटिव बबल एक झटके में फूट गया।
MCX और COMEX पर सोना: सेफ-हेवन की धारणा को झटका
चांदी के साथ-साथ सोने में भी तेज दबाव देखने को मिला। MCX पर सोना दिन के ऊंचे स्तर से करीब 11–12% टूट गया। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर COMEX गोल्ड फ्यूचर्स में भी लगभग 11.4% की गिरावट दर्ज की गई। आम तौर पर बाजार में उथल-पुथल के दौर में सोने को सुरक्षित निवेश माना जाता है, लेकिन इस बार तेज करेक्शन ने सेफ-हेवन की धारणा को भी कमजोर किया।
सिल्वर का मार्केट कैप: ₹60 लाख करोड़ तक उड़ान
चांदी की कीमतों में आई 30% से ज्यादा की गिरावट का सीधा असर उसके ग्लोबल मार्केट कैप पर पड़ा। ऊपर-जमीन उपलब्ध चांदी के अनुमानित स्टॉक और औसत कीमत गिरावट के हिसाब से देखा जाए तो सिल्वर मार्केट से करीब $700–720 अरब की वैल्यू साफ हो गई। रुपये में यह नुकसान करीब ₹58–60 लाख करोड़ बैठता है, जो अपने आप में एक ऐतिहासिक आंकड़ा है।
गोल्ड का मार्केट कैप: सबसे बड़ा वैल्यू इरेज
सोने में डबल-डिजिट गिरावट ने मार्केट कैप के लिहाज से कहीं बड़ा झटका दिया। वैश्विक गोल्ड स्टॉक और मौजूदा कीमतों के आधार पर देखें तो एक ही दिन में गोल्ड मार्केट कैप से करीब $4 ट्रिलियन की वैल्यू उड़ गई। रुपये में यह आंकड़ा लगभग ₹335–340 लाख करोड़ के बराबर है।
| मार्केट | एसेट | रिकॉर्ड / हालिया हाई | मौजूदा स्तर | गिरावट |
|---|---|---|---|---|
| MCX | Silver (₹/kg) | ₹4.20–4.35 लाख | ₹2.90–3.00 लाख | 32–34% |
| MCX | Gold (₹/10g) | ~₹1,68,000 | ~₹1,49,000 | 11–12% |
| COMEX | Silver Futures ($/oz) | ~रिकॉर्ड हाई | — | 31–33% |
| COMEX | Gold Futures ($/oz) | ~$5,350 के आसपास | ~$4,740 | ~11.4% |
| US Spot | Silver (XAG/USD) | $121.64 | $80–81 | 30–33% |
| US Spot | Gold ($/oz) | ~रिकॉर्ड लेवल | ~11% नीचे | ~10–11% |
क्यों आई गिरावट?
चांदी में यह गिरावट MCX और COMEX दोनों पर इतिहास की सबसे बड़ी इंट्राडे गिरावट बन चुकी है, जबकि सोने में आई तेज टूट ने यह साफ कर दिया कि बुलियन मार्केट इस समय असाधारण दबाव में है। गोल्ड और सिल्वर मिलाकर करीब $4.7 ट्रिलियन यानी लगभग ₹400 लाख करोड़ की वैल्यू का इरेज होना इस क्रैश को ऐतिहासिक बनाता है। एक्सपर्ट इस गिरावट की 6 बड़ी वजह बताते हैं।
- रिकॉर्ड हाई पर मुनाफावसूली: चांदी 4.20 लाख रुपये के आसपास ओवरबॉट जोन में पहुंचते ही बड़े खिलाड़ियों ने प्रॉफिट बुकिंग शुरू की, जिससे ट्रेंड पलट गया।
- लॉन्ग अनवाइंडिंग का दबाव: MCX डेटा में कीमत गिरने के साथ ओपन इंटरेस्ट घटा, जिससे साफ हुआ कि ऊंचे स्तरों पर बनी लॉन्ग पोजीशन तेजी से कटने लगीं।
- ग्लोबल संकेत कमजोर: डॉलर इंडेक्स और अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में उछाल के साथ रिस्क-ऑफ मूड आया, जिसने चांदी जैसी कीमती धातुओं पर दबाव बढ़ा दिया।
- मार्जिन कॉल और स्टॉप लॉस: तेज गिरावट के दौरान स्टॉप लॉस ट्रिगर हुए और मार्जिन कॉल के चलते मजबूरी की बिकवाली ने स्लाइड को और गहरा किया।
- तकनीकी सपोर्ट टूटे: 3.80 लाख और 3.65 लाख रुपये के अहम सपोर्ट टूटते ही एल्गो और शॉर्ट-टर्म ट्रेडिंग से सेलिंग तेज हो गई।
- यूएस फेड अनिश्चितता: Kevin Warsh की संभावित नियुक्ति और हॉकिश पॉलिसी की आशंका से गोल्ड-सिल्वर में बिकवाली का दबाव बढ़ा।
