Why Market is Down Today: हफ्ते के पहले ही दिन भारतीय शेयर बाजार में बड़ी गिरावट देखने को मिली। सोमवार (8 दिसंबर) को सेंसेक्स लगभग 609 अंक टूट गया और 85,102.69 के लेवल पर लाल निशान में बंद हुआ जबकि निफ्टी फिसलकर 25,900 के आसपास पहुंच गया। बाजार खुलने से लेकर पूरे दिन निवेशक सतर्क नजर आए। इसका कारण सिर्फ एक नहीं, बल्कि कई बड़ी वजहें रहीं जिनमें US फेड मीटिंग, एफआईआई की बिकवाली, रुपये की कमजोरी और क्रूड ऑयल की कीमतों में उछाल प्रमुख हैं। आइए आपको बताते हैं आज बाजार धराशाई होने के 5 बड़े कारण...
1. अमेरिकी फेडरल रिज़र्व की बैठक से पहले सतर्कता
निवेशक इस हफ्ते होने वाली US Federal Reserve की दो दिवसीय बैठक (9 दिसंबर से शुरू) को लेकर बेहद सतर्क हैं। क्योंकि इस मीटिंग में ब्याज दरों को लेकर कोई संकेत मिल सकता है, जो ग्लोबल मार्केट पर असर डालता है। इसके साथ ही नए महंगाई डेटा और साल के अंत में पोर्टफोलियो में होने वाले बदलावों ने भी लोगों को सावधान कर दिया है।
2. विदेशी निवेशकों (FII) की लगातार बिकवाली
शेयर बाजार पर विदेशी निवेशकों की बिकवाली का दबाव लगातार बढ़ता जा रहा है। शुक्रवार को भी एफआईआई ने करीब 439 करोड़ रुपये के शेयर बेच दिए। हाल के महीनों में बाजार में तेज रैली के कारण वैल्यूएशन काफी महंगे हो गए थे। महंगे वैल्यूएशन पर FII मुनाफावसूली करते हैं, जिससे बाजार गिरावट के प्रति ज्यादा संवेदनशील हो गया है।
3. रुपये में कमजोरी
भारतीय रुपया 16 पैसे टूटकर 90.11 प्रति डॉलर पर पहुंच गया। रुपये में यह गिरावट कई कारणों से देखने को मिली जैसे डॉलर की बढ़ती डिमांड, आयातकों और कंपनियों द्वारा ज्यादा मात्रा में डॉलर खरीदना और एफआईआई की लगातार बिकवाली। जब विदेशी निवेशक बाजार से पैसा निकालकर डॉलर खरीदते हैं, तो रुपया कमजोर पड़ने लगता है। रुपया कमजोर होने का सीधा असर आयात पर पड़ता है क्योंकि डॉलर में होने वाले सभी आयात महंगे हो जाते हैं। इसी वजह से शेयर बाजार की भावनाएं भी कमजोर पड़ती हैं और निवेशक सतर्क हो जाते हैं।
4. क्रूड ऑयल की कीमतों में तेजी
ब्रेंट क्रूड की कीमत बढ़कर 63.83 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई है। भारत कच्चे तेल का एक बड़ा आयातक है, इसलिए तेल की कीमतों में बढ़ोतरी देश की अर्थव्यवस्था के लिए चुनौती बन जाती है। तेल महंगा होने से सरकार का इंपोर्ट बिल बढ़ जाता है, जिससे महंगाई बढ़ने का खतरा बढ़ जाता है। महंगाई बढ़ने की आशंका से बाजार में डर बढ़ता है, और निवेशक रिस्क लेने से बचते हैं। यही कारण है कि क्रूड ऑयल की बढ़ती कीमतें भारतीय शेयर बाजार पर हमेशा दबाव बनाती हैं।
5. India VIX में उछाल
India VIX, जिसे मार्केट का "फ़ियर इंडेक्स" भी कहा जाता है, सोमवार को 2% से ज्यादा बढ़कर 10.53 पर पहुंच गया। VIX बढ़ने का मतलब है कि बाजार में अस्थिरता बढ़ रही है और ट्रेडरों में डर का माहौल है। जब यह इंडेक्स ऊपर जाता है, तो निवेशक जोखिम लेने से बचते हैं, जिससे बाजार दबाव में आ जाता है।
