गाड़ी या बाइक का इंडिकेटर पीले रंग का ही क्यों होता है? 90% लोग नहीं जानते इसकी असली वजह

कार या बाइक चलाते समय आपने इंडिकेटर को कई बार जलते-बुझते देखा होगा। लेकिन क्या आपने कभी सोचा कि इसका रंग पीला या नारंगी ही क्यों होता है? इसके पीछे विज्ञान, सड़क सुरक्षा और ट्रैफिक नियमों की अहम भूमिका है।

सड़क पर चलते समय आपने ध्यान दिया होगा कि गाड़ी या बाइक की हेडलाइट आमतौर पर सफेद, ब्रेक लाइट लाल और इंडिकेटर पीले या नारंगी रंग का होता है। इन सभी रंगों का अपना अलग काम है। इंडिकेटर का इस्तेमाल दूसरे वाहन चालकों को यह बताने के लिए किया जाता है कि आप दाएं या बाएं मुड़ने वाले हैं। इसका पीला-नारंगी रंग सिर्फ डिजाइन के लिए नहीं चुना गया है, बल्कि इसके पीछे सड़क सुरक्षा और नियमों से जुड़ी वजहें हैं।

Indicator Yellow

गाड़ी या बाइक का इंडिकेटर पीले रंग का ही क्यों होता है?

1. दूर से आसानी से दिखाई देता है पीला रंग

इंडिकेटर के पीले या एम्बर रंग का एक बड़ा फायदा यह है कि यह सड़क पर दूसरे वाहनों और आसपास की रोशनी के बीच अलग नजर आता है। दिन हो या रात, इसका लगातार जलना और बुझना दूसरे ड्राइवर का ध्यान खींचता है। धूल, हल्की धुंध और खराब मौसम में भी रंग का यह अंतर संकेत पहचानने में मदद कर सकता है। हालांकि, बहुत घने कोहरे या खराब दृश्यता में कोई भी लाइट पूरी सुरक्षा की गारंटी नहीं देती।

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