Why FII are Selling: विदेशी संस्थागत निवेशकों (Foreign Institutional Investors) या एफआईआई (FII) द्वारा लगातार बिकवाली के कारण भारतीय शेयर बाजारों में गिरावट जारी है। FII की तरफ से हो रही बिकवाली खामियाजा भारतीय घरेलू निवेशक भुगत रहे हैं। बाजार में इस गिरावट के बीच, सवाल ये उठ रहा है कि आखिर FII इतनी बिकवाली कर क्यों रहे हैं? एक मार्केट एक्सपर्ट ने इसके पीछे का पूरा गणित समझाया है।
FII और FPI की बिकवाली जारी
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FII में क्यों मची है भगदड़
सना सिक्योरिटी के रजत शर्मा ने बताया है कि कैसे करेंसी में उतार-चढ़ाव और टैक्स के कारण एफआईआई के लिए रिटर्न में काफी कमी आती है, जिससे भारतीय बाजार कम आकर्षक हो जाते हैं। करेंसी कंवर्जन और लॉन्ग-टर्म कैपिटल गेन्स टैक्स के प्रभाव को समझाते हुए शर्मा ने कहा, "एफआईआई भारत में निवेश क्यों नहीं कर रहे हैं?"
"कल्पना कीजिए कि आप 1 अमेरिकी डॉलर को 84 डॉलर प्रति डॉलर की दर से रुपए में बदलकर निवेश करते हैं और 10% लाभ कमाते हैं। आपका निवेश बढ़कर 92.4 रुपए हो जाता है। आप इसे बेचकर वापस ले लेते हैं। आप LTCG = 1.05 रुपए देना होगा। फिर आपको = 91.35 रुपए मिलते हैं। आप रुपए के मुकाबले 88 डॉलर के ट्रेड पर इसे वापस कंवर्ट करते हैं। आपको = 1.04 डॉलर मिलते हैं।
मूल रूप से, 10% लाभ = 4% रिटर्न होगा!!"
भारत से निकल रहे
शर्मा का यह बयान इस बात को लेकर बढ़ती चिंता के बीच आया है कि क्यों एफआईआई सतर्क हैं और भारत में अपने निवेश में कटौती कर रहे हैं। शर्मा ने एक्स पर एक पोस्ट के जरिए ये सारा गणित समझाने की कोशिश की है।
डिस्क्लेमर : यहां मुख्य तौर पर शेयर बाजार की जानकारी दी गयी है, निवेश की सलाह नहीं। इक्विटी मार्केट में जोखिम होता है, इसलिए निवेश अपने जोखिम पर करें। निवेश करने से पहले एक्सपर्ट की राय जरूर लें।
