खुदरा के बाद थोक महंगाई का झटका! 1 साल में -0.58% से 9.78% पहुंचा WPI; ईंधन, खाना-पीना सब महंगा

खुदरा महंगाई के बाद अब थोक महंगाई के आंकड़ों ने चिंता बढ़ा दी है। एक साल में महंगाई में बड़ा उछाल आया है। पिछले साल जुलाई में WPI -0.58% रहा था, जो इस जुलाई में बढ़कर 9.78% हो गया है।

WPI July 2026 : खुदरा महंगाई के बाद अब थोक कीमतों ने भी बड़ा झटका दिया है। जुलाई 2026 में देश की थोक महंगाई दर 9.78% रही। एक साल पहले जुलाई 2025 में थोक महंगाई दर -0.58% थी। यानी एक साल में इसमें 10.36 प्रतिशत अंक का बड़ा उछाल आया है। जुलाई 2025 में थोक कीमतों में सालाना आधार पर गिरावट दर्ज की गई थी, जबकि जुलाई 2026 में तस्वीर पूरी तरह बदल गई है।

wpi inflation

थोक महंगाई बढ़ी

मासिक आधार पर मामूली राहत

महंगाई के आंकड़ों में मासिक आधार पर थोड़ी राहत जरूरत मिली है। जून 2026 के 9.87% के मुकाबले जुलाई में WPI महंगाई में मामूली नरमी आई है। लेकिन करीब 10% की दर यह बताती है कि उत्पादन और थोक बाजार में कीमतों का दबाव अभी भी काफी मजबूत है।

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