ITR फाइलिंग में Gen Z नंबर 1, इतनी बढ़ी हिस्सेदारी...नए निवेशकों की संख्या में भी जबरदस्त उछाल

पिछले साल 2023-24 में डीमैट खातों की संख्या में 3.7 करोड़ की बढ़ोतरी हुई थी। साल 2024-25 के शुरुआती आंकड़े बताते हैं कि यह रफ्तार और तेज हो रही है। खास बात यह है कि इसमें सबसे ज्यादा हिस्सा 25 साल से कम उम्र के युवाओं का है, जो ज्यादातर कॉलेज के छात्र या नए नौकरी शुरू करने वाले लोग हैं।

भारत में हर साल करोड़ों लोग ITR फाइल करते हैं इसमें 20 से लेकर 60 साल के लोगों की सबसे ज्यादा संख्या होती है. लेकिन इस बार 2025-26 में भारत की नई पीढ़ी की उत्सुकता ITR फाइलिंग के लिए साफ दिख रही है। Cleartax के आंकड़ों के मुताबिक, साल 2024 में 25 साल से कम उम्र के युवा निवेशकों ने ITR-3 फॉर्म दाखिल करने में 600% से ज्यादा की बढ़ोतरी की। इसका मतलब है कि युवा अब कमाई के साथ साथ टैक्स भरने में भी आगे आ रहे हैं। आइए जानते हैं आखिर कौन है ये Gen Z और आखिर किस कमाई पर कितना टैक्स भर रहे हैं?

Genz ITR Filing

कौन हैं Gen Z?

Gen यानी “जनरेशन ज़ेड,” वे लोग हैं जो लगभग 1997 से 2012 के बीच पैदा हुए हैं। भारत में यह लोग अभी ज्यादातर कॉलेज के छात्र, नए नौकरी शुरू करने वाले युवा या 25 साल से कम उम्र वाले यंग प्रोफेशनल हैं। ITR (Income Tax Return) भरने में उनका योगदान हाल के सालों में तेजी से बढ़ा है। Cleartax के आंकड़ों के मुताबिक, 2024 में 25 साल से कम उम्र के निवेशकों ने ITR-3 फॉर्म दाखिल करने में 600% से ज्यादा की बढ़ोतरी की।

कैसे कमाई कर रहे हैं Gen Z?

ये युवा टैक्स भरते समय शेयर मार्केट, म्यूचुअल फंड और दूसरे निवेश विकल्पों में भी सक्रिय रहते हैं। उन्हें अनुभव कम है, इसलिए नुकसान का सामना भी ज्यादा होता है, लेकिन लंबे समय तक निवेश में बने रहने की प्रवृत्ति इनकी खास पहचान है। Gen Z टैक्सपेयर्स वे युवा हैं, जो अभी करियर की शुरुआत कर रहे हैं, शेयर और निवेश में रुचि रखते हैं और तेजी से टैक्स सिस्टम में शामिल हो रहे हैं।

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