म्यूचुअल फंड से कब निकल जाना चाहिए? इन 5 वॉर्निंग सिग्नल्स को देखते ही तुरंत कर लें एग्जिट!

क्या आपका म्यूचुअल फंड भी उम्मीद के मुताबिक रिटर्न नहीं दे रहा है? बाजार के भरोसे आंख मूंदकर बैठे रहने के बजाय इन 5 वॉर्निंग सिग्नल्स को पहचानें, जो इशारा करते हैं कि अब फंड से बाहर निकलने का सही समय आ गया है।

म्यूचुअल फंड (Mutual Fund) में निवेश करना वित्तीय लक्ष्यों को हासिल करने और लंबी अवधि में संपत्ति बनाने का एक बेहतरीन जरिया है। ज्यादातर वित्तीय सलाहकार निवेशकों को 'बाय एंड होल्ड' यानी निवेश करने के बाद लंबे समय तक बने रहने की सलाह देते हैं। लेकिन इसका मतलब यह बिल्कुल नहीं है कि आप निवेश करके उसे पूरी तरह भूल जाएं। बाजार के बदलते समीकरणों, फंड के प्रदर्शन और आपके निजी लक्ष्यों के आधार पर कई बार पोर्टफोलियो की समीक्षा करना और गलत फंड से बाहर निकलना भी बेहद जरूरी होता है। अगर आप समय रहते किसी खराब प्रदर्शन करने वाले या बदल चुके फंड से एग्जिट नहीं करते हैं, तो आपकी मेहनत की कमाई पर असर पड़ सकता है। आइए आपको बताते हैं वो 5 वार्निंग सिग्नल्स जिनको देखते ही आपको म्यूचुअल फंड से बाहर निकल जाना चाहिए।

Mutual Fund

म्यूचुअल फंड से कब बाहर निकलें?

फंड का लगातार खराब प्रदर्शन: अगर आपका म्यूचुअल फंड पिछले 2 से 3 तिमाहियों या एक-दो साल से अपने बेंचमार्क (जैसे Nifty 50) और अपनी ही कैटेगरी के दूसरे साथी फंड्स (Peer Funds) के मुकाबले लगातार खराब रिटर्न दे रहा है, तो यह एक बड़ा रेड फ्लैग है। बाजार में कभी-कभार गिरावट आना सामान्य है, लेकिन अगर बाजार में सुधार होने के बाद भी आपका फंड रिकवर नहीं कर पा रहा है, तो उससे बाहर निकलना ही समझदारी है।

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