पिछले हफ्ते भारतीय शेयर बाजार में बड़ा उतार-चढ़ाव देखने को मिला। ऐसे में निवेशकों के मन में यह सवाल है कि सोमवार से बाजार की चाल कैसी रहेगी। मार्केट एक्सपर्ट का कहना है कि अगले सप्ताह शेयर बाजार की चाल काफी हद तक कंपनियों के तिमाही नतीजों, वैश्विक रुझानों और विदेशी कोषों की आवाजाही पर निर्भर करेगा। इसके अलावा निवेशक भू-राजनीतिक घटनाक्रमों और व्यापार वार्ताओं से जुड़ी किसी भी खबर पर कड़ी नजर रखेंगे। इस सप्ताह बीएचईएल, एलटीआईमाइंडट्री, पीएनबी, एयू स्मॉल फाइनेंस बैंक, अदाणी एनर्जी सॉल्यूशंस, बैंक ऑफ इंडिया, इंटरग्लोब एविएशन (इंडिगो), डीएलएफ, बीपीसीएल और अदाणी ग्रीन एनर्जी सहित कई प्रमुख कंपनियों के नतीजे आएंगे।
शेयर बाजार आउटलुक
रिलायंस और एचडीएफसी के स्टॉक में दिखेगी हलचल
रेलिगेयर ब्रोकिंग लिमिटेड के वरिष्ठ उपाध्यक्ष (शोध) अजीत मिश्रा ने कहा कि निवेशक शुरुआत में रिलायंस इंडस्ट्रीज, एचडीएफसी बैंक और आईसीआईसीआई बैंक जैसे दिग्गजों के नतीजों पर प्रतिक्रिया देंगे। इसके बाद ध्यान विभिन्न क्षेत्रों की कई बड़ी और मझोली कंपनियों के तीसरी तिमाही के नतीजों पर टिक जाएगा। उन्होंने आगे कहा कि वैश्विक मोर्चे पर जीडीपी वृद्धि दर, बेरोजगारी के दावों और पीएमआई आंकड़ों सहित अमेरिकी व्यापक आर्थिक आंकड़े जोखिम की भावना और मुद्रा की चाल को प्रभावित करेंगे। भू-राजनीतिक घटनाक्रम और व्यापार वार्ताओं की प्रगति पर भी निवेशकों की नजर रहेगी।
वैश्विक घटनाक्रम भी बाजार पर डालेंगे असर
स्वास्तिका इन्वेस्टमार्ट लिमिटेड के शोध प्रमुख संतोष मीणा ने कहा कि नतीजों के अलावा बाजार प्रतिभागी भू-राजनीतिक स्थिति और भारत-अमेरिका व्यापार समझौते के संबंध में किसी भी महत्वपूर्ण सूचना पर कड़ी नजर रखेंगे। आम बजट करीब आने के साथ, बजट-पूर्व उम्मीदों के आधार पर क्षेत्र-विशिष्ट हलचल भी बढ़ने की संभावना है। ऑनलाइन कारोबारी मंच एनरिच मनी के सीईओ पोनमुडी आर ने कहा कि भारतीय बाजार नए सप्ताह में सतर्क लेकिन शेयर विशिष्ट रुख के साथ प्रवेश कर रहे हैं। बैंकिंग शेयर सुर्खियों में रह सकते हैं, क्योंकि बाजार आईसीआईसीआई बैंक और एचडीएफसी बैंक जैसे दिग्गजों के साथ ही कई निजी और सार्वजनिक क्षेत्र के ऋणदाताओं के तिमाही परिणामों का आकलन करेंगे।
सरकार से टैक्स में राहत की मांग
निवेशकों ने 2026-27 के आम बजट से पहले सरकार से पूंजी बाजार कराधान को आसान बनाने का आग्रह किया है, जिसमें दीर्घकालिक पूंजीगत लाभ (एलटीसीजी) पर उच्च छूट सीमा की मांग शामिल है। उन्होंने यह भी सुझाव दिया कि सरकार को लेनदेन करों में और वृद्धि करने से बचना चाहिए। आम बजट एक फरवरी को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा पेश किया जाएगा। बाजार के हितधारकों ने खुदरा और दीर्घकालिक निवेशकों को अधिक राहत देने के लिए इक्विटी निवेश से होने वाले दीर्घकालिक पूंजीगत लाभ पर कर मुक्त छूट सीमा को बढ़ाने की मांग की है। जेएम फाइनेंशियल सर्विसेज ने कहा कि सरकार को इक्विटी एलटीसीजी के लिए कर-मुक्त छूट सीमा को 1.25 लाख रुपये से बढ़ाकर दो लाख रुपये करना चाहिए।
