पीएम पोषण योजना क्या है? पश्चिम बंगाल में 8375 स्कूलों में पहुंचेगा LPG, स्कूली बच्चों को मिलेगा बेहतर पौष्टिक भोजन

PM Poshan Yojana: पश्चिम बंगाल सरकार ने पीएम पोषण योजना के तहत 8,375 स्कूलों को एलपीजी कनेक्शन के लिए 3,000 रुपये देने का फैसला किया है। साथ ही, प्रति छात्र भोजन लागत बढ़ाकर 10 रुपये और रसोइयों का मानदेय 3,000 रुपये प्रति माह कर दिया है।

PM Poshan Yojana : पश्चिम बंगाल सरकार ने राज्य के सरकारी और सहायता प्राप्त स्कूलों में बच्चों को बेहतर सुविधाएं देने के लिए एक बड़ा और अहम फैसला लिया है। ‘पीएम पोषण योजना’ (जिसे पहले मिड-डे मील योजना कहा जाता था) के तहत राज्य के 8,375 ऐसे स्कूलों को रसोई गैस (LPG) कनेक्शन उपलब्ध कराने के लिए प्रति स्कूल 3,000 रुपये देने की घोषणा की गई है, जहां आज भी लकड़ी के चूल्हे पर खाना पकाया जा रहा था। इसके अलावा सरकार ने बच्चों के भोजन की लागत और खाना बनाने वाले रसोइयों तथा उनके सहायकों के मानदेय में भी बड़ी बढ़ोतरी की है। इस संबंध में स्कूल शिक्षा विभाग की ओर से आधिकारिक आदेश जारी कर दिया गया है।

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पश्चिम बंगाल के 8,375 स्कूलों में अब नहीं जलेगी लकड़ी, LPG सिलेंडर के लिए मिलेंगे ₹3000 (तस्वीर-AI)

लकड़ी के धुएं से मिलेगी मुक्ति, पर्यावरण और सेहत को फायदा

सरकार के इस कदम का मुख्य उद्देश्य स्कूलों को पारंपारिक और हानिकारक लकड़ी आधारित व्यवस्था से निकालकर आधुनिक और स्वच्छ एलपीजी रसोई व्यवस्था की ओर ले जाना है। लकड़ी पर खाना पकाने से निकलने वाला धुआं न केवल खाना बनाने वाले रसोइयों और बच्चों के स्वास्थ्य को नुकसान पहुंचाता है, बल्कि इससे पर्यावरण पर भी बुरा असर पड़ता है। पीएम पोषण की वार्षिक कार्य योजना और बजट (2026-27) के आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2025-26 में राज्य के कुल 81,012 पंजीकृत स्कूलों में से 72,637 स्कूलों के पास पहले से ही एलपीजी कनेक्शन था। हालांकि, 8,375 स्कूल ऐसे रह गए थे जहां भोजन पकाने के लिए अब भी पूरी तरह से लकड़ी का इस्तेमाल हो रहा था। नई आर्थिक सहायता मिलने के बाद अब इन सभी बचे हुए स्कूलों में एलपीजी सिलेंडर की सुविधा उपलब्ध हो जाएगी, जिससे स्वच्छ माहौल में गुणवत्तापूर्ण भोजन पकाया जा सकेगा।

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