Fragile Five: 'फ्रैजाइल फाइव' क्या है? स्वतंत्रता दिवस के भाषण में पीएम मोदी ने क्यों किया इसका जिक्र

PM Modi Independence Day Speech: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वतंत्रता दिवस के भाषण में 'फ्रैजाइल फाइव' का जिक्र किया। आखिर यह क्या है। भारत की अर्थव्यवस्था से इसका क्या संबंध है।

PM Modi Independence Day Speech : देश के 80वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लाल किले की प्राचीर से राष्ट्र को संबोधित करते हुए भारत की आर्थिक प्रगति का लेखा-जोखा प्रस्तुत किया। अपने संबोधन में पीएम मोदी ने कहा कि बीते 12 वर्षों में भारत की अर्थव्यवस्था ने एक ऐतिहासिक बदलाव देखा है। देश दुनिया की सबसे नाजुक अर्थव्यवस्थाओं यानी 'फ्रैजाइल फाइव' (Fragile Five) की श्रेणी से निकलकर आज दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ने वाली प्रमुख अर्थव्यवस्था बन चुका है। प्रधानमंत्री ने इस बदलाव का श्रेय देश के 140 करोड़ नागरिकों के कठोर परिश्रम, प्रयासों और सामूहिक संकल्प को दिया। लेकिन इस बयान के बाद यह सवाल चर्चा में आ गया है कि आखिर यह 'फ्रैजाइल फाइव' क्या था, भारत इसमें कैसे शामिल हुआ और इससे बाहर निकलने का सफर कैसा रहा?

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लाल किले से पीएम मोदी का हुंकार: ‘दुनिया मान रही भारत का लोहा, फ्रैजिल फाइव का दौर अब बीती बात’ (तस्वीर-X)

क्या है 'फ्रैजाइल फाइव' (Fragile Five)?

'फ्रैजाइल फाइव' शब्द की उत्पत्ति अगस्त 2013 में हुई थी। मशहूर वैश्विक इन्वेस्टमेंट बैंक मॉर्गन स्टेनली के एक फाइनेंशियल एक्सपर्ट ने यह शब्द उन 5 उभरती हुई अर्थव्यवस्थाओं के लिए गढ़ा था, जो बाहरी वित्तीय झटकों और विदेशी पूंजी के उतार-चढ़ाव के सामने बेहद कमजोर और संवेदनशील मानी जा रही थीं। इस समूह में भारत के साथ-साथ चार अन्य देश शामिल थे। भारत, ब्राजील, इंडोनेशिया, दक्षिण अफ्रीका, तुर्की। इन 5 देशों की साझी कमजोरी यह थी कि ये अपनी आर्थिक वृद्धि के लिए भारी मात्रा में विदेशी निवेश पर निर्भर थे। जैसे ही वैश्विक स्तर पर वित्तीय स्थिति में बदलाव आता या विदेशी निवेशक अपना पैसा निकालने लगते, इन देशों की अर्थव्यवस्थाएं डगमगाने लगती थीं।

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