what happens to salary account after resignation: हर नौकरीपेशा व्यक्ति की सैलरी उसके सेविंग अकाउंट (Savings Account) में न आकर उसके सैलरी अकाउंट (Salary Account) में आती है। आपका भी सैलरी अकाउंट होगा। लेकिन क्या आपने सोचा है कि एक से दूसरी कंपनी में नौकरी बदलने पर पुरानी कंपनी के सैलरी अकाउंट का क्या होता है? क्या आपके पैसों का नुकसान तो नहीं होता? इस आर्टिकल में आपके इन्हीं सवालों के जवाब देने जा रहे हैं-
नौकरी बदलने पर सैलरी अकाउंट का क्या होता है (Photo: iStock)
सैलरी अकाउंट का क्या होगा
दरअसल, बैंकिंग नियम कहते हैं कि अगर किसी व्यक्ति के सैलरी अकाउंट में एक लंबे समय तक सैलरी नहीं आती तो यह अकाउंट रेगुलर सेविंग अकाउंट (Savings Account) में बदल जाता है। अलग-अलग बैंक की आधिकारिक वेबसाइट्स जैसे HDFC Bank और Axis Bank के अनुसार, सैलरी अकाउंट की स्थिति आपके रोजगार (employment) पर निर्भर करती है
3 महीने बाद क्या होता है
एचडीएफसी बैंक और एक्सिस बैंक की ऑफिशियल वेबसाइट पर दी गई जानकारी के अनुसार, अगर आपके सैलरी अकाउंट (Salary Account) में लगातार तीन महीनों तक सैलरी क्रेडिट नहीं होती है, तो बैंक आपके अकाउंट को रेगुलर सैलरी अकाउंट से रेगुलर सेविंग अकाउंट (Savings Account) में बदल देता है। इसका मतलब यह है कि सैलरी अकाउंट से मिलने वाली सभी सुविधाएं और फायदे समाप्त हो जाते हैं और उनकी जगह सेविंग अकाउंट के नियम लागू हो जाते हैं।
वहीं दूसरी ओर, अगर आप किसी ऐसी कंपनी में जॉइन करते हैं जिसका बैंक के साथ सैलरी अकाउंट टाई-अप है और उसी बैंक में आपका पहले से सेविंग अकाउंट है, तो आपके अनुरोध पर बैंक उस सेविंग अकाउंट को सैलरी अकाउंट में कन्वर्ट कर सकता है।
यहां देने वाली बात ये है कि रेगुलर सेविंग अकाउंट में बदलने के साथ ही आपको अपने सैलरी से सेविंग बने अकाउंट में मिनिमम बैलेंस बनाए रखना पड़ेगा।
दोनों ही कंपनियां एक ही बैंक से जुड़ी हों तो
एक्सिस बैंक की ऑफिशियल वेबसाइट में दी गई जानकारी के अनुसार, अगर आप एक कंपनी छोड़कर दूसरी कंपनी में जाते हैं और दोनों ही कंपनियां एक ही बैंक से जुड़ी हुई हैं। ऐसी स्थिति में, अपने नए नियोक्ता की मंजूरी के साथ, आपका मौजूदा खाता नई कंपनी के लिए भी सैलरी अकाउंट के रूप में जारी रह सकता है।
नौकरी बदलने के बाद तुरंत लें निर्णय
नौकरी बदलने पर आपका पुराना सैलरी अकाउंट बंद नहीं होता, बल्कि कुछ समय बाद सेविंग अकाउंट में बदल जाता है। इसलिए जरूरी है कि आप समय रहते इसका सही इस्तेमाल या बंद करने का निर्णय लें, ताकि भविष्य में किसी भी तरह के अतिरिक्त शुल्क से बचा जा सके।
