बैंक खाते, फिक्स्ड डिपॉजिट (FD), म्यूचुअल फंड, बीमा पॉलिसी, पीपीएफ या डीमैट अकाउंट जैसे वित्तीय निवेश करते समय अधिकांश लोग किसी न किसी को नॉमिनी (Nominee) बनाते हैं। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि अगर निवेशक के जीवित रहते ही उसका नॉमिनी दुनिया से चला जाए, तो उस निवेश का क्या होगा? क्या पैसा अपने आप परिवार के किसी अन्य सदस्य को मिल जाएगा या फिर कोई अलग प्रक्रिया अपनानी पड़ेगी? आइए जानते हैं क्या कहता है नियम
अगर आपसे पहले नॉमिनी गुजर गया तो क्या होगा (AI Generated Image)
नॉमिनी की पहले मृत्यु होने पर क्या होगा?
अगर आपके द्वारा नामित नॉमिनी की मृत्यु आपके जीवनकाल में ही हो जाती है, तो वह नामांकन (Nomination) प्रभावी नहीं रहता। ऐसी स्थिति में आपकी मृत्यु के बाद संबंधित निवेश या खाते के लिए कोई वैलिड नॉमिनी मौजूद नहीं होगा। ऐसे मामलों में रकम का दावा आपके कानूनी उत्तराधिकारियों (Legal Heirs) को करना पड़ सकता है, जिससे पूरी प्रक्रिया लंबी और जटिल हो सकती है।
क्या नया नॉमिनी जोड़ सकते हैं?
अधिकांश बैंक, बीमा कंपनियां, म्यूचुअल फंड हाउस और अन्य वित्तीय संस्थान निवेशकों को किसी भी समय अपना नॉमिनी बदलने या नया नॉमिनी जोड़ने की सुविधा देते हैं। अगर आपके पुराने नॉमिनी का निधन हो चुका है, तो बिना देरी किए नया नामांकन कर देना चाहिए, ताकि भविष्य में आपके परिवार को किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े।
सिर्फ नॉमिनी बनाना ही काफी नहीं
वित्तीय विशेषज्ञों का मानना है कि केवल नॉमिनी जोड़ देना पर्याप्त नहीं होता। कई मामलों में नॉमिनी केवल संपत्ति प्राप्त करने की प्रक्रिया को आसान बनाता है, जबकि अंतिम कानूनी अधिकार वसीयत (Will) या उत्तराधिकार कानूनों के अनुसार तय होते हैं। इसलिए अगर आपके पास बड़ी संपत्ति या कई तरह के निवेश हैं, तो समय रहते स्पष्ट वसीयत तैयार करना भी जरूरी है। इससे परिवार में भविष्य के विवादों से बचा जा सकता है।
किन निवेशों में नॉमिनी अपडेट करना जरूरी है?
विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि बैंक सेविंग अकाउंट, एफडी, पीपीएफ, ईपीएफ, म्यूचुअल फंड, शेयर और डीमैट अकाउंट, जीवन बीमा पॉलिसी तथा अन्य सभी वित्तीय निवेशों में नॉमिनी की जानकारी समय-समय पर जांचते रहें। यदि किसी खाते में नॉमिनी नहीं है या उसका निधन हो चुका है, तो उसे जल्द से जल्द अपडेट कर देना चाहिए।
