पश्चिम एशिया संकट से MSME की आय और मुनाफे में गिरावट की आशंका: रिपोर्ट

रिपोर्ट बताती है कि यह क्षेत्र कच्चे माल की उपलब्धता में कमी और व्यापारिक बाधाओं के कारण दोहरी चुनौती का सामना कर रहा है। ऊर्जा-आधारित कच्चे माल की कमी से उत्पादन प्रभावित हो रहा है।

पश्चिम एशिया संघर्ष के कारण चालू वित्त वर्ष में भारत के सूक्ष्म, लघु एवं मझोले उद्यम (एमएसएमई) क्षेत्र पर दबाव बढ़ने की आशंका है जिससे उनकी आय और मुनाफे में गिरावट आ सकती है। मंगलवार को एक रिपोर्ट में यह आशंका जताई गई। ’क्रिसिल इंटेलिजेंस’ की एमएसएमई सेक्टर पर जारी नई रिपोर्ट के मुताबिक, वित्त वर्ष 2026-27 में इस क्षेत्र की आय वृद्धि घटकर 7.5-8.5 प्रतिशत रह सकती है, जो 2025-26 के मुकाबले करीब एक प्रतिशत कम है। वहीं, कर-पूर्व आय (एबिटर) मार्जिन 0.5 से एक प्रतिशत तक घटकर 5-5.5 प्रतिशत रह जाने का अनुमान है।

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मिडिल ईस्ट में चल रहे तनाव का असर कई सारे औद्योगिक क्षेत्र पर पड़ सकता है।(फोटो क्रेडिट-iStock)

रिपोर्ट कहती है कि यह क्षेत्र कच्चे माल की उपलब्धता में कमी और व्यापारिक बाधाओं के कारण दोहरी चुनौती का सामना कर रहा है। ऊर्जा-आधारित कच्चे माल की कमी से उत्पादन प्रभावित हो रहा है, जबकि बढ़ती लागत को ग्राहकों पर पूरी तरह डाल पाने की सीमित क्षमता से मुनाफा दबाव में है।

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