Cloud Kitchen License Rules In Delhi: ऑनलाइन फूड डिलीवरी प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल काफी बढ़ गया है। ऐसे में दिल्ली में क्लाउड किचन (Cloud Kitchen) की डिमांड भी काफी बढ़ी है। इसी के मद्देनजर अब दिल्ली नगर निगम (Municipal Corporation Of Delhi) या एमसीडी (MCD) ने एक नई पॉलिसी तैयार की है। दरअसल अभी तक क्लाउड किचन रेस्टोरेंट या ढाबे के नियमों के अनुसार चल रहे थे।
दिल्ली में क्लाउड किचन लाइसेंस नियम
अब एमसीडी ने बिजनेस एक्टिविटी के रूप में क्लाउड, डार्क और घोस्ट किचन जैसे फूड आउटलेट को शामिल कर लिया है। इससे जुड़े प्रस्ताव को मंजूरी दे दी गई है। अभी तक इंडिपेंडेंट और सैटेलाइट रसोई के लिए लाइसेंस के नियम तय नहीं थे। मगर अब इसके लिए लाइसेंस लेना होगा। लाइसेंस के लिए नियम क्या होंगे, आगे जानिए।
क्या होंगे नियम
टीओआई की रिपोर्ट के अनुसार इन किचनों को केवल तीन साल के लिए लाइसेंस मिलेगा। 9 वर्ग मीटर के मिनिमम फ्लोर एरिया वाले नॉन-रेसिडेंशयल प्लॉट पर बने किचन ये लाइसेंस मिलेंगे।
और क्या हैं जरूरी रूल्स
- बिल्डिंग का कम से कम तीन मीटर ऊंचा होना जरूरी होगा
- परिसर की धुलाई और सफाई के लिए फर्श और एक मीटर की ऊंचाई तक की दीवार स्मूथ कंक्रीट से बनी हो
- लाइसेंस के लिए 1,000 रुपये की प्रॉसेसिंग फीस देनी होगी
- 20,000 रुपये एक बार में बतौर पंजीकरण शुल्क देने होंगे
- दिल्ली फायर सर्विस के मानदंडों के अनुसार आपको एनओसी लेना होगा
- क्लाउड किचन के लिए कुछ नियम सख्ती होंगे। इनमें साफ-सफाई का ध्यान रखने के अलावा बाहर किसी खाने के सामान की बिक्री नहीं करना शामिल है
जल निकासी या सीवर लाइन न हो
एमसीडी के नए नियमों के अनुसार ऐसे किचन के लिए लाइसेंस तभी मिलेगा जब उस प्रॉपर्टी के नीचे जल निकासी या सीवर लाइन न हो। इन तमाम शर्तों को पूरा करने पर ही लाइसेंस मिल सकेगा।
