Vedanta demerger completion date: देश की सबसे चर्चित माइन एंड नैचुरल रिसोर्सेस कंपनी वेदांता लिमिटेड (Vedanta Ltd.) अब अपने सबसे बड़े कॉर्पोरेट रिस्ट्रक्चर की ओर बढ़ रही है। कंपनी के चीफ फाईनेंस ऑफिसर (CFO) अजय गोयल ने जानकारी दी है कि वेदांता का डिमर्जर सितंबर 2025 तक पूरी तरह से हो जाएगा। यह कदम भारतीय कॉरपोरेट इतिहास में गजब की पहल मानी जा रही है।
वेदांता शेयर।
क्या है वेदांता डिमर्जर का प्लान?
वेदांता लिमिटेड की डिमर्जर योजना के तहत, कंपनी को कुल पांच अलग-अलग कंपनियों में बांटा जाएगा
1. वेदांता लिमिटेड (मौजूदा सूचीबद्ध कंपनी)
2. वेदांता एल्युमिनियम मेटल लिमिटेड
3. वेदांता पावर लिमिटेड
4. वेदांता ऑयल एंड गैस लिमिटेड
5. वेदांता आयरन एंड स्टील लिमिटेड
इनमें से चार नई कंपनियाँ अलग-अलग बिजनेस सेक्टर पर फोकस करेंगी और स्वतंत्र रूप से शेयर बाजार में लिस्ट (listed) होंगी।
कब तक होगा वेदांता डिमर्जर?
वेदांता ग्रुप के CFO अजय गोयल ने बयान दिया कि, "हम डिमर्जर प्रक्रिया को वित्त वर्ष 2025-26 की दूसरी तिमाही के अंत तक यानी सितंबर 30, 2025 तक पूरा कर लेंगे। सारी प्रक्रिया ट्रैक पर है और नियमानुसार आगे बढ़ रही है।” कंपनी को शेयरधारकों और लेनदारों से पहले ही इस योजना के लिए आवश्यक स्वीकृति मिल चुकी है।
अनिल अग्रवाल ।
वेदांता निवेशकों को मिलेगा क्या?
इस डिमर्जर में सबसे अहम बात यह है कि वेदांता लिमिटेड के प्रत्येक शेयर पर निवेशकों को चारों नई कंपनियों का एक-एक शेयर मिलेगा। यानी, यदि आपके पास वेदांता लिमिटेड का 1 शेयर है, तो आपको:
- Vedanta Aluminium Metal Ltd. का 1 शेयर
- Vedanta Power Ltd. का 1 शेयर
- Vedanta Oil & Gas Ltd. का 1 शेयर
- Vedanta Iron & Steel Ltd. का 1 शेयर मिलेगा।
इसके लिए एक रिकॉर्ड डेट की घोषणा कंपनी जल्द करने वाली है। रिकॉर्ड डेट वह तारीख होगी जो यह तय करेगी कि कौन-से निवेशक इस शेयर के लिए पात्र हैं।
क्यों कर रही है वेदांता यह डिमर्जर?
वेदांता समूह के चेयरमैन अनिल अग्रवाल का कहना है कि यह स्प्लिट "वैल्यू अनलॉकिंग" का एक मजबूत जरिया है। उनका कहना है कि जब हर बिजनेस सेक्टर (एल्युमिनियम, पावर, ऑयल-गैस, स्टील) स्वतंत्र रूप से काम करेगा, तो विकास की गति तेज होगी, निवेशकों को बेहतर पारदर्शिता और रिटर्न मिलेगा और नए निवेश हो सकेंगे।
शेयर बाजार में वेदांता की चर्चा क्यों है ?
वेदांता का डिमर्जर पिछले एक साल से डलाल स्ट्रीट पर सबसे चर्चित टॉपिक में से एक रहा है। मार्केट एनालिस्ट के मुताबिक अलग-अलग कंपनियों में बंटने से वेदांता ग्रुप के कई बिजनेस की आर्थिक स्थिति और प्रदर्शन अधिक स्पष्ट होगा, जिससे निवेशकों को हर सेक्टर का बेहतर वैल्यूएशन करने का अवसर मिलेगा।
वेदांता लिमिटेड का डिमर्जर न केवल एक कॉर्पोरेट स्ट्रैटजिक बदलाव है, बल्कि यह भारतीय निवेशकों के लिए एक नया अवसर और चुनौती दोनों लेकर आ रहा है। जैसे-जैसे रिकॉर्ड डेट और नई कंपनियों की लिस्टिंग डेट सामने आएंगी, यह देखना दिलचस्प होगा कि निवेशकों की प्रतिक्रिया और बाजार की दिशा क्या रहती है।
डिस्क्लेमर : यहां शेयर बाजार में निवेश की सलाह नहीं दी गई है। इक्विटी मार्केट में जोखिम होता है, इसलिए निवेश अपने जोखिम पर करें। निवेश करने से पहले एक्सपर्ट की राय जरूर लें।
