V-Guard के कोच्चौसेफ चिट्टिलाप्पिली ने 1000 रुपये उधार लेकर खड़ा किया हजारों करोड़ का साम्राज्य, बन गए हर घर की जरुरत

V Guard Success Story: वी-गार्ड के संस्थापक कोच्चौसेफ चिट्टिलाप्पिली ने 1977 में 1,000 रुपये के उधार से स्टेबलाइजर बिजनेस शुरू किया। अपनी गुणवत्ता और इनोवेटिव मॉडल के दम पर उन्होंने इसे हजारों करोड़ का इलेक्ट्रॉनिक्स और वंडरला साम्राज्य बनाया।

V Guard Success Story : जब इरादे बुलंद हों और नजरिया साफ हो, तो एक छोटा सा विचार भी दुनिया बदल सकता है। यह कहानी है केरल के उद्योगपति कोच्चौसेफ चिट्टिलाप्पिली (Kochouseph Chittilappilly) की, जिन्होंने महज 1,000 रुपये के मामूली उधार से एक छोटी सी वर्कशॉप शुरू की और कड़ी मेहनत के दम पर 'वी-गार्ड' (V-Guard) जैसे विशाल इलेक्ट्रॉनिक्स ब्रांड को खड़ा कर दिया। आज वी-गार्ड भारत के घर-घर में पहचाना जाने वाला नाम है।

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वी-गार्ड के कोच्चौसेफ चिट्टिलाप्पिली 1000 रुपये से खड़ा किया हजारों करोड़ का इलेक्ट्रॉनिक्स साम्राज्य (तस्वीर-X)

1000 रुपये का उधार और पहला कदम

1950 में केरल के त्रिशूर जिले के एक मध्यमवर्गीय किसान परिवार में जन्मे कोच्चौसेफ चिट्टिलाप्पिली ने फिजिक्स में मास्टर डिग्री पूरी की। पढ़ाई के बाद उन्होंने एक स्थानीय इलेक्ट्रॉनिक्स कंपनी में सुपरवाइजर के तौर पर काम करना शुरू किया। हालांकि, वहां तीन साल काम करने के दौरान उन्हें यह अहसास हुआ कि वे दूसरों के लिए काम करने के बजाय खुद का कुछ शुरू करना चाहिए। वर्ष 1977 में, मात्र 27 वर्ष की उम्र में उन्होंने अपनी एंटरप्रेन्योरशिप की यात्रा शुरू की। उनके पास व्यापार शुरू करने के लिए पर्याप्त पूंजी नहीं थी, इसलिए उन्होंने अपने पिता से 1,000 रुपये उधार लिए। इस छोटी सी राशि से उन्होंने दो कारीगरों को काम पर रखा और कोच्चि में वोल्टेज स्टेबलाइजर बनाने की एक छोटी सी यूनिट शुरू की। उन्होंने अपनी इस कंपनी का नाम रखा वी-गार्ड। साल 2026 के मध्य तक, V-Guard Industries की नेट वर्थ करीब 2,373 करोड़ रुपये (23.73 अरब रुपये) और मार्केट कैपिटलाइजेशन करीब 12,775 करोड़ रुपये है।

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