US-Iran War Loss: होर्मुज से आर्थिक सुनामी! ₹49 लाख करोड़ स्वाहा, 90 दिन में 6 गुना बढ़ेगा नुकसान

दुनिया की एनर्जी लाइफलाइन होर्मुज स्ट्रेट तबाही का गेटवे बन गया है। अब तक युद्ध से करीब ₹49 लाख करोड़ स्वाहा हो चुके हैं। यह जंग अब 90 दिन और चली, तो ₹292 लाख करोड़ की बर्बादी तय है।

US Iran war loss: दुनिया का सबसे अहम समुद्री रास्ता होर्मुज स्ट्रेट (Strait of Hormuz) तबाही का गेटवे बन चुका है। 28 फरवरी, 2026 को अमेरिका और इस्राइल ने ईरान पर हमला किया। इसके जवाब में ईरान ने होर्मुज को बंद कर दिया। Hormuz crisis का नतीजा यह हुआ कि जंग के असर की चपेट में पूरी दुनिया आ चुकी है। IMF के अनुमान और मेथोडोलॉजी के आधार पर SolAbility के आर्थिक विश्लेषण के मुताबिक अगर यह युद्ध आज रुक भी जाए, तो भी दुनिया को $590 बिलियन यानी करीब ₹49 लाख करोड़ का नुकसान हो चुका है। वहीं, अगर जंग 60 से 90 दिन और खिंची, तो यह नुकसान $3.5 ट्रिलियन यानी ₹292 लाख करोड़ तक जा सकता है।

US Iran War loss Strait of Hormuz, अमेरिका ईरान युद्ध में नुकसान

अमेरिका ईरान युद्ध में होर्मुज बना ताबही का गेटवे

होर्मुज बंद और हिल गई दुनिया

Strait of Hormuz से दुनिया का करीब 20% कच्चा तेल और 19% LNG गुजरता है। ईरान ने युद्ध शुरू होते ही इस रास्ते को व्यावहारिक रूप से बंद कर दिया। अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी (IEA) ने इसे "वैश्विक तेल बाजार के इतिहास का सबसे बड़ा सप्लाई झटका" करार दिया है। वहीं, कोलिंबिया यूनिवर्सिटी (Columbia University) के सेंटर ऑन ग्लोबल एनर्जी पॉलिसी (CGEP) के मुताबिक Hormuz से गुजरने वाला 110 बिलियन क्यूबिक मीटर्स प्रतिवर्ष का LNG कारोबार पूरी ठप हो सकता है। यह ग्लोबल LNG व्यापार का 19% होता है। 28 फरवरी से यह बुरी तरह बाधित है। इसका नतीजा यह है कि Brent Crude जो युद्ध से पहले $65/barrel था, वह फिलहाल $109/barrel है। इस तरह करीब 50% का उछाल आ चुका है। ब्रिटिश विदेश मंत्री Yvette Cooper के मुताबिक होर्मुज से गुजरने वाले जहाजों की संख्या 150 प्रतिदिन से घटकर सिर्फ 10-20 प्रतिदिन रह गई है।

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