ईरान के साथ अमेरिका को युद्ध करना भारी पड़ रहा है। अमेरिका में डीजल की कीमत रिकॉर्ड हाई पर पहुंच गया है। बता दें कि अमेरिका में डीजल की कीमतों ने शुक्रवार को एक बार फिर नया रिकॉर्ड बनाया। देश में डीजल का औसत भाव पहली बार 6 डॉलर प्रति गैलन, यानी करीब 135 रुपये प्रति लीटर के पार पहुंच गया। अमेरिका और ईरान के बीच जारी युद्ध के कारण वैश्विक स्तर पर ईंधन की सप्लाई प्रभावित होने से कीमतों में यह तेज उछाल आया है।
डोनाल्ड ट्रंप
इस सप्ताह अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड और अमेरिकी कच्चे तेल (WTI) दोनों की कीमतें कई महीनों में पहली बार 100 डॉलर प्रति बैरल के पार चली गईं। कच्चे तेल की कीमतों में यह तेजी वैश्विक ईंधन बाजार पर दबाव को और बढ़ा रही है।
एक साथ में कीमत में बड़ी बढ़ोतरी
मोटर क्लब अमेरिकन ऑटोमोबाइल एसोसिएशन (AAA) के मुताबिक, अमेरिका में डीजल का राष्ट्रीय औसत भाव अब 6.05 डॉलर प्रति गैलन हो गया है। पिछले सप्ताह यह 5.85 डॉलर प्रति गैलन था, जबकि एक साल पहले इसी अवधि में डीजल की औसत कीमत सिर्फ 3.70 डॉलर प्रति गैलन थी।
आम लोगों पर बढ़ेगा महंगाई का बोझ
डीजल महंगा होने का सीधा असर रोजमर्रा इस्तेमाल होने वाली चीजों की कीमतों पर पड़ सकता है। अमेरिका में माल ढुलाई, डिलीवरी और सप्लाई नेटवर्क का बड़ा हिस्सा डीजल से चलता है। ऐसे में ईंधन महंगा होने से सामान को एक जगह से दूसरी जगह पहुंचाने की लागत भी बढ़ रही है। इस बढ़ती लागत का असर अब धीरे-धीरे आम उपभोक्ताओं तक पहुंचने लगा है। कुछ कंपनियों ने ऑनलाइन ऑर्डर और डाक से भेजे जाने वाले पैकेज पर अतिरिक्त शुल्क लगाना शुरू कर दिया है। आने वाले समय में इसका असर किराना और दूसरी जरूरी वस्तुओं की कीमतों पर भी दिखाई दे सकता है।
इन चीजों के बढ़ेंगे दाम
खासकर मांस, सब्जियों और दूसरी जल्दी खराब होने वाली खाद्य वस्तुओं की कीमतों पर दबाव बढ़ने की आशंका है। इन सामानों को तेजी से एक जगह से दूसरी जगह पहुंचाना जरूरी होता है और इसके लिए डीजल से चलने वाले ट्रकों का बड़े पैमाने पर इस्तेमाल किया जाता है। हालांकि ईंधन की बढ़ी लागत का पूरा असर खुदरा बाजार तक पहुंचने में कुछ समय लग सकता है, लेकिन फिलहाल डीजल की कीमतों में तेजी थमती नजर नहीं आ रही है।
