MDH Controversy: एमडीएच की मुश्किलें खत्म होती नहीं दिख रही है। पहले सिंगापुर और हांगकांग ने कंपनी के कुछ मसालों पर प्रतिबंध लगा दिया। अब अमेरिका से भी खबर अच्छी नहीं आ ही हैं। इंडियन एक्स्प्रेस की रिपोर्ट के अनुसार अमेरिका के कस्टम विभाग ने पिछले छह महीनों में साल्मोनेला की मिलावट के कारण महाशियान दी हट्टी (MDH) प्राइवेट लिमिटेड द्वारा निर्यात किए गए सभी मसाला-संबंधित शिपमेंट में से एक तिहाई को रिजेक्ट कर दिया है। रिपोर्ट के अनुसार अक्टूबर 2023 से कुल 11 शिपमेंट को रिजेक्ट किया गया है।
अब अमेरिका में एमडीएच को लेकर विवाद.. सांकेतिक तस्वीर
क्या है मामला
इंडियन एक्स्प्रेस के अनुसार अक्टूबर 2023 से रिजेक्ट करने की दर पिछले वर्ष भेजे गए सभी शिपमेंट के लिए 15 प्रतिशत से दोगुनी हो गई है। अक्टूबर 2023 से अभी तक कंपनी के कई 11 शिपमेंट रिजेक्ट किए गए हैं। जो एमडीएच के सभी शिपमेंट का करीब 31 फीसदी है। इन शिपमेंट में मसाले, स्वाद और नमक के रूप में भेजे गए उत्पाद शामिल हैं। रिजेक्ट करने की प्रमुख वजह उत्पादों में साल्मोनेला पाया जाना है। असल में साल्मोनेला बैक्टीरिया से दूषित खाद्य पदार्थ पेट में गंभीर संक्रमण का कारण बन सकते हैं जो ठीक से न पकाए जाने पर आंत पर असर डालते हैं । रिपोर्ट के अनुसार इस संबंध में कंपनी ने इंडियन एक्सप्रेस के भेजे गए सवाल का जवाब नहीं दिया है। ऐसे में टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल इस खबर की पुष्टि नहीं करता है।
सिंगापुर-हांगकांग ने किस बात पर लगाया प्रतिबंध
हांगकांग के खाद्य सुरक्षा नियामक सेंटर फॉर फूड सेफ्टी (सीएफएस) ने पांच अप्रैल को एक बयान में कहा था कि उसने दो भारतीय ब्रांड के कई प्रकार के डिब्बा बंद मसाला उत्पादों के नमूनों में स्वीकार्य सीमा से अधिक कीटनाशक 'इथलीन ऑक्साइड' पाया गया है। सीएफएस ने उपभोक्ताओं से इन उत्पादों की खरीदारी न करने के लिए कहा है।सीएफएस आदेश को ध्यान में रखते हुए सिंगापुर खाद्य एजेंसी ने उत्पादों की वापसी का निर्देश दिया था।जिन उत्पादों पर प्रतिबंध लगाया गया है उनमें एवरेस्ट फिश करी मसाला, एमडीएच मद्रास करी पाउडर (मद्रास करी के लिए मसाला मिश्रण), एमडीएच सांभर मसाला मिश्रित मसाला पाउडर, और एमडीएच करी पाउडर मिश्रित मसाला पाउडर शामिल हैं।
इसके बाद मसाले बोर्ड ने भी कहा था कि वह दोनों देशों को भेजी जाने वाली ऐसी खेपों का अनिवार्य परीक्षण शुरू करेगा।वाणिज्य मंत्रालय के तहत आने वाले बोर्ड ने यह भी कहा कि वह मूल कारण का पता लगाने और सुधारात्मक उपाय सुझाने के लिए वह निर्यातकों के साथ काम करेगा।
बोर्ड ने कहा कि मानकों का पालन सुनिश्चित करने के लिए गहन निरीक्षण जारी है।
