ईरान-अमेरिका वॉर के चलते 90 फीसदी महंगी हो गई ये मामूली सी चीज, आप पर भी होगा असर

ईरान अमेरिका वॉर का असर अब किसानों और आम जनता पर पड़ने लगा है, जो यूरिया का सौदा पहले $490 में हो रहा था, वह अब बढ़कर $959 तक पहुंच गया है। यह बढ़ोतरी भारत जैसे कृषि प्रधान देश के लिए एक बड़े खतरे की घंटी है

पश्चिम एशिया (वेस्ट एशिया) में ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव ने न केवल तेल बाजार को हिलाया है, बल्कि इसका सीधा असर अब भारत की खेती और आम आदमी की थाली पर भी दिखने लगा है। युद्ध की वजह से सप्लाई चेन में ऐसी रुकावट आई है कि खेती के लिए सबसे जरूरी चीज यानी 'यूरिया' की कीमतें आसमान छूने लगी हैं। हाल ही में यूरिया के दामों में करीब 90 फीसदी का जबरदस्त उछाल दर्ज किया गया है। जो यूरिया का सौदा पहले $490 में हो रहा था, वह अब बढ़कर $959 तक पहुंच गया है। यह बढ़ोतरी भारत जैसे कृषि प्रधान देश के लिए एक बड़े खतरे की घंटी है।

Jhalmudi Business (2)

सप्लाई चेन और हॉर्मुज संकट का असर

यूरिया की कीमतों में आई इस आग की मुख्य वजह 'स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज' में जारी तनाव है। भारत अपनी जरूरत का एक बड़ा हिस्सा आयात के जरिए पूरा करता है। चूंकि युद्ध जैसी स्थिति के कारण समुद्री रास्ते असुरक्षित हो गए हैं, इसलिए कच्चे माल (Raw Materials) की आवाजाही ठप पड़ गई है। खाद बनाने के लिए जरूरी प्राकृतिक गैस और अन्य रसायनों की सप्लाई कम होने से वैश्विक स्तर पर उत्पादन घट गया है। जब माल कम और मांग ज्यादा होती है, तो कीमतें बढ़ना लाजमी है। भारत सरकार को अब विदेशी बाजारों से बहुत ऊंचे दामों पर खाद खरीदनी पड़ रही है।

End of Feed