घर खरीदारों के हितों में यूपी रेरा (UP RERA) ने बड़ा फैसला लिया है। यूपी रेरा ने पजेशन देने को लेकर बड़ा बदलाव किया है। अब तक रेरा अधिनियम, 2016 के अनुसार, किसी परियोजना को पूर्णता प्रमाणपत्र (CC) या ऑक्यूपेंसी प्रमाणपत्र (OC) मिलने के 3 महीने के भीतर बिल्डर को घर खरीदार के नाम ट्रांसफर डीड (Conveyance Deed) करना और संपत्ति का कब्जा देना अनिवार्य होता है। अब यूपी रेरा ने बिल्डरों के लिए यह समय सीमा घटाकर 2 महीने करने का ऐलान किया है। इसके बाद अब बिल्डर को 2 महीने के भीतर घर खरीददार को लिखित रूप से ऑफर ऑफ पजेशन देना होगा। यह प्रस्ताव घर खरीदार के पंजीकृत ई-मेल और डाक के माध्यम से भेजना अनिवार्य होगा। साथ ही बिल्डरों को अपने ग्राहक सेवा (CRM) कार्यालय में OC या CC की प्रति भी प्रदर्शित करनी होगी।
उत्तर प्रदेश रेरा
'फाइनल डिमांड नोटिस' को पजेशन नहीं माना जाएगा
यूपी रेरा ने बिल्डरों की मनमानी पर रोक लगाते हुए स्पष्ट किया है कि केवल 'फाइनल डिमांड नोटिस' या किसी अन्य अस्पष्ट नाम से भेजे गए पत्र को वैध कब्जा प्रस्ताव नहीं माना जाएगा।
- नियम: पत्र पर स्पष्ट रूप से "Offer of Possession" लिखा होना अनिवार्य है।
- विवरण: पत्र में यह साफ लिखा होना चाहिए कि OC/CC प्राप्त होने के बाद खरीदार को कब्जा लेने के लिए आमंत्रित किया जा रहा है।
- कार्रवाई: निर्धारित प्रारूप का पालन न करने पर इसे नियमों का उल्लंघन माना जाएगा और संबंधित बिल्डर के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
घर खरीदारों की जिम्मेदारी भी तय
प्राधिकरण ने खरीदारों को भी सजग रहने की सलाह दी है। जब बिल्डर नियमानुसार वैध कब्जा प्रस्ताव (Offer of Possession) जारी कर दे, तो यह खरीदार की जिम्मेदारी है कि वह तय समय के भीतर अपने फ्लैट, प्लॉट या भवन का वास्तविक कब्जा ले और सेल डीड के निष्पादन व पंजीकरण की प्रक्रिया पूरी करे।
Partial CC या OC पर स्पष्टता
अगर किसी परियोजना के केवल एक हिस्से को ही पूर्णता या ऑक्यूपेंसी प्रमाणपत्र मिलता है, तो संबंधित विकास प्राधिकरण को यह स्पष्ट रूप से बताना होगा कि यह प्रमाणपत्र किन टावरों, ब्लॉकों, चरणों या प्लॉटों पर लागू होता है। इससे खरीदारों को अपनी संपत्ति की सही स्थिति समझने में आसानी होगी और परियोजना की स्थिति को लेकर कोई भ्रम नहीं रहेगा।
Provisional प्रमाणपत्र कानूनी रूप से अमान्य
यूपी रेरा के संज्ञान में आया है कि कुछ मामलों में सीमित समय के लिए अस्थायी या अंतरिम पूर्णता प्रमाणपत्र (Temporary/Provisional CC/OC) जारी किए जा रहे थे। प्राधिकरण ने स्पष्ट किया है कि ऐसी व्यवस्था कानून के अनुरूप नहीं है। इसलिए संबंधित विकास प्राधिकरणों को निर्देश दिया गया है कि वे अस्थायी प्रमाणपत्र जारी करने की यह प्रक्रिया तुरंत बंद करें, ताकि खरीदारों के हित पूरी तरह सुरक्षित रह सकें।
नोएडा, ग्रेटर नोएडा और यीडा में 'डीम्ड OC/CC'
यूपी रेरा ने नोएडा, ग्रेटर नोएडा और यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (YEIDA) क्षेत्रों में लागू डीम्ड ऑक्यूपेंसी सर्टिफिकेट (Deemed OC) और डीम्ड पूर्णता प्रमाणपत्र (Deemed CC) के नियमों को फिर से स्पष्ट किया है। जहां संबंधित नियमों में अनुमति है, वहां इन औद्योगिक विकास प्राधिकरणों की परियोजनाओं में डीम्ड OC/CC के प्रावधान लागू होंगे, जिससे इस क्षेत्र के घर खरीदारों को अधिक कानूनी सुरक्षा और स्पष्टता मिलेगी।
घर खरीदारों को दी ये सलाह
यूपी रेरा ने घर खरीदारों को सचेत किया है कि वे केवल बिल्डर द्वारा भेजे गए डिमांड नोटिस पर भरोसा न करें। पजेशन लेते समय यह जरूर जांच लें कि उन्हें OC या CC मिलने के बाद (या उसके साथ) नियमानुसार Offer of Possession मिला है या नहीं।
