नई दिल्ली। बुधवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) की अध्यक्षता में हुई केंद्रीय मंत्रिमंडल की एक बैठक में सरकारी सेक्टर की पेट्रोलियम कंपनियों के लिए बड़ा फैसला लिया गया। पेट्रोलियम कंपनियों को रसोई गैस एलपीजी (LPG Cylinder) के घाटे की भरपाई के लिए 22,000 करोड़ रुपये का एकमुश्त अनुदान दिया जाएगा। इसकी जानकारी खुद सूचना एवं प्रसारण मंत्री अनुराग ठाकुर (Anurag Thakur) ने दी है।
आपको LPG देने वाली कंपनियों के लिए मोदी सरकार ने किया बड़ा ऐलान
क्यों हुआ अनुदान का ऐलान?
यह अनुदान कंपनियों की ओर से पिछले दो साल के दौरान रसोई गैस के रूप में इस्तेमाल होने वाली एलपीजी को लागत से कम मूल्य पर बेचने से हुए नुकसान की भरपाई के लिए दिया जाएगा। जून 2020 से लेकर जून 2022 तक ग्राहकों को लागत से कम मूल्य पर एलपीजी की बिक्री करने की वजह से हुए नुकसान की भरपाई के लिए यह राशि दी जा रही है।
इन कंपनियों को मिलेगा अनुदान
इसकी घोषणा करते हुए ठाकुर ने कहा कि पिछले दो सालों से डोमेस्टिक रसोई गैस को लागत से कम मूल्य पर बेचा जा रहा है। ऐसे में अब तीन पेट्रोलियम मार्केटिंग कंपनियों - इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन (IOC), भारत पेट्रोलियम कॉरपोरेशन लिमिटेड (BPCL) और हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉरपोरेशन लिमिटेड (HPCL) को एकमुश्त अनुदान देने की मंजूरी दी गई है।
भारतीय कंपनियों को क्यों हुआ नुकसान?
इन तीनों कंपनियां की ओर से उपभोक्ताओं को घरेलू एलपीजी बेचा जाता है। मालूम हो कि जून 2020 से लेकर जून 2022 के बीच ग्लोबल स्तर पर रसोई गैस की कीमत में लगभग 300 फीसदी की वृद्धि हुई है। ऐसे में ग्राहकों को ग्लोबल एलपीजी कीमतों (LPG Price) में उतार-चढ़ाव से बचाने के लिए उनपर लागत की वृद्धि का पूरा भार नहीं डाला गया था। इस दौरान घरेलू एलपीजी की कीमत में सिर्फ 72 फीसदी की ही वृद्धि हुई। ऐसे में इन तीनों कंपनियों को भारी नुकसान हुआ।
आगे सरकारी बयान में कहा गया कि इस घाटे के बाद भी सार्वजनिक सेक्टर की पेट्रोलियम मार्केटिंग कंपनियों ने देश में रसोई ईंधन की सप्लाई लगातार सुनिश्चित की है। इसलिए सरकार ने इस नुकसान की भरपाई के लिए तीनों कंपनियों को एकमुश्त अनुदान देने का फैसला लिया है।
इस निर्णय से पेट्रोलियम सेक्टर की PSU को आत्मनिर्भर भारत अभियान के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को जारी रखने में काफी मदद मिलेगी। इसके साथ ही सरकार के निर्णय से बिना किसी बाधा के घरेलू एलपीजी सप्लाई भी सुनिश्चित होगी।
