Budget 2026: क्या दुनिया में बढ़ते तनाव के बीच भारत बजट में बढ़ाएगा रक्षा खर्च?

Defence Budget 2026: दुनिया के अलग-अलग हिस्सों में जारी युद्ध और बढ़ते तनाव से वैश्विक सुरक्षा जोखिम बढ़ गए हैं। रूस-यूक्रेन युद्ध, अमेरिका-वेनेजुएला तनाव और राष्ट्रपति ट्रंप का आक्रामक रुख इसका उदाहरण हैं। इसी बीच अमेरिका ने 2027 के लिए रक्षा बजट बढ़ाने का प्रस्ताव दिया है। ऐसे हालात में सवाल है कि क्या भारत भी अपना रक्षा बजट बढ़ाएगा?

Defence Budget 2026 : दुनिया के कई हिस्सों में चल रहे संघर्षों ने भू-राजनीतिक जोखिम को काफी बढ़ा दिया है। रूस-यूक्रेन युद्ध अभी भी जारी है। अमेरिका और वेनेजुएला के बीच तनाव अचानक बढ़ गया है। वहीं अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का ग्रीनलैंड और ईरान को लेकर आक्रामक रुख भी अंतरराष्ट्रीय राजनीति में नई चिंताएं पैदा कर रहा है। इन घटनाओं का सीधा असर वैश्विक सुरक्षा माहौल पर पड़ रहा है। बढ़ते वैश्विक तनाव के बीच कई देश अपने रक्षा बजट में इजाफा कर रहे हैं। अमेरिका में राष्ट्रपति ट्रंप ने साल 2027 के लिए रक्षा बजट को 1.5 ट्रिलियन डॉलर तक ले जाने का प्रस्ताव रखा है। यह पहले के अनुमान से करीब 50 प्रतिशत ज्यादा है। इस कदम को अमेरिका की ओर से यह संदेश माना जा रहा है कि वह अपने रणनीतिक हितों की रक्षा के लिए कड़े फैसले लेने से पीछे नहीं हटेगा। क्या भारत भी इस भू-राजनीतिक माहौल अपना रक्षा बजट बढ़ाएगा?

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वैश्विक तनाव के बीच भारत का रक्षा बजट बढ़ने की संभावना (तस्वीर-istock)

वेनेजुएला घटनाक्रम और चीन-ताइवान चिंता

अमेरिका द्वारा वेनेजुएला में की गई सैन्य कार्रवाई ने पूरी दुनिया को चौंका दिया। अमेरिकी सेना ने वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी को हिरासत में ले लिया। इसके बाद आशंका जताई जाने लगी कि चीन इस वैश्विक उथल-पुथल का फायदा उठाकर ताइवान पर दबाव बढ़ा सकता है। हालांकि एक्सपर्ट्स का मानना है कि चीन ताइवान के मुद्दे को अमेरिका की लैटिन अमेरिका नीति से जोड़कर नहीं देखता। ताइवान चीन के लिए संप्रभुता का मुख्य मुद्दा है। इस पर चीन का फैसला क्षेत्रीय सैन्य संतुलन, अमेरिका के सहयोगी देशों की भूमिका और घरेलू राजनीतिक हालात पर निर्भर करता है।

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