नोट कर लें तारीख! इस दिन से मिलने जा रहा है सबसे बड़ा 'पेआउट', जानें किसे कितना मिलेगा ट्रंप टैरिफ का पैसा?

यूएस कोर्ट ऑफ इंटरनेशनल ट्रेड ने ट्रंप प्रशासन के दौरान वसूले गए अवैध टैरिफ को वापस करने का आदेश दिया है, जिसकी शुरुआत 11 मई के आसपास हो सकती है।

अमेरिका के व्यापारिक जगत और आयातकों (Importers) के लिए एक बड़ी राहत भरी खबर सामने आ रही है। ट्रंप शासनकाल के दौरान लगाए गए विवादित टैरिफ (Tariffs) के रिफंड की प्रक्रिया अब अपने अंतिम चरण में पहुंच गई है। रिपोर्ट के अनुसार, 11 मई तक उन हजारों कंपनियों और व्यापारियों को पहला 'पेआउट' मिलने की उम्मीद है, जिन्होंने सालों पहले सरकार को अतिरिक्त टैक्स के रूप में मोटी रकम चुकाई थी। यह खबर वैश्विक बाजार, विशेषकर उन लोगों के लिए बहुत मायने रखती है जो लंबे समय से कानूनी लड़ाई और प्रशासनिक देरी के कारण अपने पैसे का इंतजार कर रहे थे।

Trump Tariff Refund

क्या है ट्रंप टैरिफ का पूरा मामला?

इस पूरे विवाद की जड़ पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के कार्यकाल में है, जब उन्होंने 'अमेरिका फर्स्ट' की नीति के तहत चीन और अन्य देशों से आने वाले सामानों पर भारी 'सेक्शन 301' टैरिफ लगा दिए थे। सरकार का तर्क था कि यह कदम घरेलू उद्योगों को बचाने के लिए जरूरी है, लेकिन अमेरिकी आयातकों ने इसे अपनी कमर तोड़ने वाला बताया। हजारों कंपनियों ने इसके खिलाफ अदालत का दरवाजा खटखटाया और तर्क दिया कि सरकार ने ये टैक्स लगाने में कानूनी प्रक्रियाओं का सही पालन नहीं किया है। लंबे समय तक चली अदालती कार्रवाई के बाद अब रिफंड मिलने का रास्ता साफ हुआ है।

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