Tomato Prices Slashes: अभी कुछ हफ्तों पहले टमाटर जेब पर इस कदर भारी था, कि लोग उसकी तुलना में पेट्रोल से करने लगे थे। आलम यह था कि रिटेल मार्केट में उसकी कीमतें 200 रुपये प्रति किलोग्राम तक पहुंच गई थीं। आलम यह था कि दक्षिण भारत में कई किसान टमाटर बेचकर करोड़पति बन गए थे। हालात यह है कि थोक मार्केट में कीमतें 1400 फीसदी तक बढ़ गई थी। थोक मार्केट में कीमतें 140 रुपये प्रति किलोग्राम तक पहुंच गई थी। लेकिन अब मार्केट बदल गया है। और देश की कई मंडियों (थोक मार्केट) में टमाटर की कीमतें धड़ाम हो गई हैं। हालात यह है कि उत्तर भारत की कई मंडियों में टमाटर के रेट 10-30 रुपये प्रति किलोग्राम तक पहुंच गए हैं। और जिस तरह उत्तर भारत में टमाटर की मांग में कमी आई है, उसे देखते हुए थोक मंडी में कीमतों में और गिरावट आ सकती है। ऐसे में रिटेल मार्केट टमाटर की कीमतें 40 रुपये प्रति किलोग्राम से भी नीचे आस सकती हैं।
टमाटर की कीमतें धड़ाम
कहां कितने कम हो गए दाम
- केंद्र सरकार के e-Nam पोर्टल के अनुसार 27 अगस्त को आंध्र प्रदेश की MADANAPALLE मंडी में टमाटर की कीमतें न्यूनतम 14 रुपये प्रति किग्रा से लेकर अधिकतम 36 रुपये प्रति किलोग्राम थीं।
- इसी तरह उत्तर प्रदेश की विभिन्न मंडियों में 28 अगस्त को टमाटर की कीमतें न्यूनतम 28.75 रुपये प्रति किग्रा से लेकर अधिकतम 50 रुपये प्रति किलोग्राम थीं।
- राजस्थान की विभिन्न मंडियों में 28 अगस्त को टमाटर की कीमतें न्यूनतम 18 रुपये प्रति किग्रा से लेकर अधिकतम 25 रुपये प्रति किलोग्राम थीं।
- हिमाचल प्रदेश की विभिन्न मंडियों में 28 अगस्त को टमाटर की कीमतें न्यूनतम 13 रुपये प्रति किग्रा से लेकर अधिकतम 40 रुपये प्रति किलोग्राम थीं।
- हरियाणा की विभिन्न मंडियों में 28 अगस्त को टमाटर की कीमतें न्यूनतम 23 रुपये प्रति किग्रा से लेकर अधिकतम 35 रुपये प्रति किलोग्राम थीं।
क्यों गिर गए दाम
टमाटर की कीमतें गिरने की सबसे बड़ी वजह उत्तर भारत के राज्यों से मांग में बड़ी गिरावट होना है। इसके अलावा नेपाल से टमाटर की सप्लाई बढ़ने से भी कीमतों पर असर हुआ है। इसी महीने की शुरूआत में वित्त मंत्री निर्मसा सीतारमण ने ऐलान किया था कि सरकार टमाटर की कीमतों पर लगाम कसने के लिए नेपाल से टमाटर आयात करेगी। भारत में देश का 75 फीसदी टमाटर का उत्पादन आंध्र प्रदेश, कर्नाटक, मध्य प्रदेश, तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल, गुजरात में होता है।
