बढ़ती EMI से परेशान,ऐसे कम करें होम लोन का बोझ

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Feb 9, 2023, 04:25 PM IST

How To Reduce the EMI: आरबीआई ने पिछले 10 महीने में छठीं बार रेपो रेट में बढ़ोतरी की है। और इसकी वजह से रेपो रेट में 2.50 फीसदी बढ़कर 6.5 फीसदी हो गया है। और इसका असर यह हुआ है कि होम लोन के मौजूदा ग्राहकों की ईएमआई लगातार बढ़ रही है।

How To Reduce the EMI: आरबीआई ने एक बार फिर रेपो रेट बढ़ाकर कर्ज महंगा कर दिया है। रेपो रेट में 0.25 फीसदी की बढ़ोतरी के बाद, ऐसी पूरी संभावना है कि बैंक और हाउसिंग फाइनेंस कंपनियां अपनी ब्याज दरों में बढ़ोतरी करेंगी। और इसका असर मौजूदा होम लोन ग्राहकों से लेकर नए ग्राहकों पर भी पड़ने वाला है। आरबीआई ने पिछले 10 महीने में छठीं बार रेपो रेट में बढ़ोतरी की है। और इसकी वजह से रेपो रेट में 2.50 फीसदी बढ़कर 6.5 फीसदी हो गया है। और इसका असर यह हुआ है कि होम लोन के मौजूदा ग्राहकों की ईएमआई लगातार बढ़ रही है। केवल 0.25 फीसदी ब्याज दरों में बढ़ोतरी से 20 लाख के होम लोन पर 20 साल की अवधि के लिए कर्ज लेने वाले ग्राहकों को 77,280 रुपये एक्स्ट्रा ब्याज चुकाना होगा।

home loan emi

ऐसे घटेगी होम लोन की ईएमआई

10 महीने में इतना बड़ा बोझ

अगर पिछले 10 महीने में होम लोन की ब्याज दरों को देखा जाय तो वह औसतन 7.0 फीसदी से बढ़ाकर 9.0 फीसदी पहुंच चुका है। और नई बढ़ोतरी के बाद उसे 9.25 फीसदी तक पहुंचने की पूरी संभावना है। ऐसे में अगर किसी व्यक्ति का 30 लाख रुपये का लोन ले रखा है। तो उसकी ईएमआई पिछले 10 महीने में 23,259 रुपये से बढ़कर 26,992 रुपये हो चुकी है। और अगर बैंक-हाउसिंग फाइनेंस कंपनियां 8 फरवरी को बढ़े रेपो रेट को देखते हुए कर्ज महंगा करती हैं, तो यह ईएमआई 27,476 रुपये पहुंच जाएगी। यानी 10 महीने में 30 लाख रुपये को होम लोन पर ईएमआई का बोझ 4217 रुपये बढ़ जाएगा।

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