ETNow.in Business Conclave & Awards 2025 : टाइम्स नेटवर्क आज डिजिटल पॉयनियर के रूप में उभरा है। नेटवर्क का बनाया हुआ वाइब्रेंट इको सिस्टम डिजिटल प्लेटफॉर्मों को तेजी से आगे बढ़ा रहा है। डिजिटल के क्षेत्र में तरक्की भारत का आर्थिक पुनर्जागरण है। आज हम भारत के आर्थिक विकास के अहम मोड़ पर खड़े हैं। यह भारत की डिजिटल जरूरतों, ऑनलाइन लर्निंग प्लेटफॉर्म और बदलाव लाने की भावना को दर्शाता है। ये बातें टाइम्स टाइम्स नेटवर्क के सीओओ एवं प्रेसिडेंट रोहित चड्डा ने ETNow.in बिजनेस कॉन्क्लेव एंड अवार्ड्स 2025 में कहीं।
टाइम्स नेटवर्क के सीओओ एवं प्रेसिडेंट रोहित चड्ढा।
'हम हर महीने 150 मिलियन यूजर्स तक पहुंच रहे'
सीओए ने आगे कहा कि आज टाइम्स नेटवर्क डिजिटल पॉयनियर के रूप में अपनी भूमिका निभा रहा है। टाइम्स नाउ डॉट इन, ईटी नाउ डॉट इन, टाइम्स नाउ नवभारत, डिजिट, टाइम्स ड्राइव, जूम जैसे अपने डिजिटल प्लेटफॉर्मों के जरिए हमने देश में एक वाइब्रेंट डिजिटल इको सिस्टम तैयार किया है। अपने 20 ब्रैंड्स और आठ क्षेत्रीय भाषाओं के जरिए हम हर महीने 150 मिलियन यूजर्स तक पहुंच रहे हैं। हमें हर महीने 2 अरब वीडियो व्यूज भी मिल रहे हैं। डिजिटल दुनिया की यह सफलता अकेले केवल हमारी कामयाबी नहीं है बल्कि इसमें भारत की डिजिटल प्रगति भी शामिल है। भारत की मौजूदा आर्थिक स्थिति हमारे सामने प्रगति एवं तरक्की का एक जोरदार तस्वीर पेश कर रही है। वैश्विक आर्थिक हालात में भारत की अर्थव्यवस्था आज एक उम्मीद की किरण बनी हुई है।
हम डिजिटल क्षेत्र में नई लकीर खींच रहे-चड्डा
सीओओ ने आगे कहा कि हम डिजिटल के पद चिन्हों का अनुकरण नहीं बल्कि नई लकीर खींच रहे हैं। आईटी सेक्टर में भी हम नई-नई ऊंचाइयां छू रहे हैं। आईटी सेक्टर के निर्यात ने रिकॉर्ड तोड़ा है। वित्तीय वर्ष 2024 में भारत ने 254 अरब डॉलर का निर्यात किया। देश का डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर 80 करोड़ से ज्यादा लोगों को डिजिटल वित्तीय योजनाओं से जोड़ चुका है। केवल यही 2030 तक एक खरब की डिजिटल इकॉनमी तैयार कर देगा। देश का स्टार्टअप इको-सिस्टम भी यही कहानी कहता है।
'AI के क्षेत्र में बड़ी ताकत बनने जा रहा भारत'
उन्होंने कहा, 'देश में 150 यूनिकॉर्न तेजी से आगे बढ़ रहे हैं। इन यूनिकॉर्न के जरिए 2024 में भारत को 42 अरब डॉलर का निवेश मिला। यूनिकॉर्न इको सिस्टम ने देश में 75 हजार नए उद्यमों को प्रोत्साहित किया है और इससे 30 लाख नौकरियों का सृजन हुआ है। AI के क्षेत्र में भी भारत दुनिया की एक बहुत बड़ी ताकत के रूप में उभरने जा रहा है। एसेंचर का अनुमान है कि केवल AI ही भारतीय अर्थव्यवस्था में 2035 तक 957 अरब डॉलर का योगदान करेगा। ग्रीन एनर्जी के क्षेत्र में भी हम नई ऊंचाइयों को छू रहे हैं। ये केवल आंकड़े नहीं बल्कि 140 करोड़ भारतीयों की आकांक्षा के प्रतीक हैं। हम यहां भारत के आर्थिक भविष्य के बारे में गंभीर एवं व्यापक चर्चा करेंगे।'
