PPF में निवेश की ताकत: ₹5,000 महीना जमा कर भी आप बन सकते हैं लखपति, समझें पूरा कैलकुलेशन

अगर आप बाजार के उतार-चढ़ाव को पसंद नहीं करते हैं और गारंटीड रिटर्न चाहते हैं तो आप पब्लिक प्रोविडेंट फंड (PPF) में निवेश शुरू कर सकते हैं। इसमें आपको मैच्योरिटी पर गारंटीड रिटर्न मिलता है।

देशभर के निवेशकों के बीच पब्लिक प्रोविडेंट फंड (PPF) सबसे पॉपुलर लॉन्ग-टर्म सेविंग् स्कीम है। नौकरीपेशा से लेकर कम कमाई वाले लोग, इस निवेश माध्यम का इस्तेमाल बच्चों की पढ़ाई से लेकर रिटायरमेंट प्लानिंग के लिए करते हैं क्योंकि इस पर गारंटीड और टैक्स-फ्री रिटर्न मिलता है। PPF को सरकार का सपोर्ट है और इसे डिसिप्लिन्ड लॉन्ग-टर्म इन्वेस्टमेंट को बढ़ावा देने के लिए डिजाइन किया गया है। PPF में निवेश की शुरुआत 500 रुपये से होती है। एक वित्त वर्ष में इसमें अधिकतम 1.5 लाख रुपये तक निवेश कर सकता है। यह स्कीम इनकम टैक्स बेनिफिट्स देती है, क्योंकि आयकर की धारा 80सी के तहत इसमें निवेश की गई रकम पर टैक्स छूट मिलती है। साथ ही ब्याज और मैच्योरिटी भी पूरी तरह से टैक्स फ्री होता है। अभी इस स्कीम पर सालाना 7.1% की दर से ब्याज मिल रहा है।

PPF Investment

पीपीएफ में निवेश

15 साल का लॉक-इन पीरियड

पीपीएफ में 15 साल के लॉक-इन पीरियड है। लंबे इन्वेस्टमेंट ड्यूरेशन से इसे काफी कंपाउंड होने का समय मिलता है, जिससे इन्वेस्टर्स को अपने लक्ष्य पूरे करने में मदद मिलती है। इसलिए, कंट्रीब्यूशन वैल्यू मायने रखती है और इसे इन्वेस्टर के फाइनेंशियल गोल के आधार पर तय किया जाना चाहिए। बता दें कि हर महीने Rs 5,000, Rs 10,000, या Rs 12,500 का कंट्रीब्यूशन करने वाले इन्वेस्टर समय के साथ एक अच्छी-खासी रकम बना सकते हैं। 15 साल के बाद, PPF इन्वेस्टमेंट को पांच-पांच साल के लिए में बढ़ाया जा सकता है।

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