Tesla Plan to Invest Two billion dollars For factory in India: भारत में टेस्ला की एंट्री के लिए कंपनी ने केंद्र सरकार को अपना प्लान सौंपा है। उसने केंद्र सरकार अपने प्लान में बताया है कि यदि सरकार भारत में ऑपरेशनल के पहले दो सालों के दौरान इंपोर्टिड वाहनों पर 15 फीसदी की छूट देती है तो अमेरिकी इलेक्ट्रिक कार मेकर टेस्ला लोकल फैक्ट्री स्थापित करने के लिए 2 बिलियन डॉलर (16,600 करोड़) का निवेश करने को तैयार है। ईटी की रिपोर्ट के मुताबिक टेस्ला ने सरकार को एक डिटेल्ड प्लान सौंपा है। इस प्लान में इंवेस्टमेंट का वॉल्यूम टेस्ला की इंपोर्टिड कारों की संख्या से जोड़ा गया है।
एलन मस्क भारत में निवेश करना चाहते हैं।
टेस्ला के प्लान के अनुसार अगर सरकार 12,000 वाहनों के लिए टैरिफ में छूट देती है तो कंपनी 500 मिलियन डॉलर तक निवेश करने को तैयार है। अगर यही रियायत 30,000 वाहनों के लिए होती है तो इंवेस्टमेंट 2 बिलियन डॉलर तक बढ़ सकता है।
सरकार क्या चाह रही है ?
सरकार चाहती है कि अमेरिकी कार मेकर ने जो इंपोर्टिड कारों पर जो छूट मांगी है उसकी संख्या को कम करे। जानकारी के मुताबिक सरकार इस बात का भी मूल्यांकन कर रही है कि क्या चालू वित्त वर्ष (10,000 यूनिट्स) में भारत में बेचे जाने वाली कुल ईवी पर रियायती टैरिफ को 10 फीसदी पर किया जा सकता है और इसे अगले वित्त वर्ष में 20 फीसदी तक बढ़ाया जा सकता है। मौजूदा वित्त वर्ष 2023 में करीब 50,000 ईवी बेची गई हैं और चालू वित्त वर्ष में इसकी संख्या एक लाख जाने की उम्मीद है। टेस्ला 2 सालों में भारत में निर्मित कारों के मूल्य का 20 फीसदी तक लोकलाइज करने और 4 सालों में इसे 40 फीसदी तक बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध हो सकता है।
बैंक गारंटी की जरुरत क्यों?
वहीं दूसरी ओर सरकार टेस्ला से बैंक गारंटी देने की भी बात कर रही है। वास्तव में यह बैंक गारंटी इसलिए मांगी जा रही है कि अगर अमेरिकी कार मेकर वादे के मुताबिक मैन्यूफैक्चरिंग यूनिट नहीं लगाता है तो तो सरकार को आयात शुल्क के रूप में होने वाले नुकसान की भरपाई उस बैंक गारंटी से की जा सके।
