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दुनिया के शेयर बाजारों का टैक्स रिपोर्ट कार्ड, अमेरिका से भारत तक निवेशकों पर कहां कितना बोझ?

2026 में FII की रिकॉर्ड 2.6 लाख करोड़ रुपये की बिकवाली ने टैक्स ढांचे तक सवाल उठाए हैं। क्या टैक्स भारतीय बाजार में निवेशकों के लिए डील ब्रेकर है? जानें दुनिया के बड़े शेयर बाजारों में कहां कितना टैक्स?

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भारत में लगता है सबसे ज्यादा टैक्स
Authored by: Yateendra Lawaniya
Updated Jun 4, 2026, 13:16 IST
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India Share Market Tax vs World : 2026 में भारतीय शेयर बाजार से विदेशी निवेशकों ने रिकॉर्ड 2.6 लाख करोड़ रुपये की बिकवाली की है। इसकी वजह से इंडिया की ग्रोथ स्टोरी से लेकर टैक्स ढांचे तक सवाल उठ रहे हैं। सवाल यह भी है कि दुनिया के बड़े बाजारों की तुलना में भारतीय शेयर बाजार में टैक्स के लिहाज से निवेश कितना महंगा है? क्या यह वाकई एक डील ब्रेकर मुद्दा है? जानें अमेरिका, चीन, जापान और भारत सहित दुनिया के 10 सबसे बड़े शेयर बाजारों में कहां कितना टैक्स लगता है?

क्यों उठा टैक्स का मुद्दा?

भारतीय शेयर बाजार फिलहाल एक लंबे निराशाजनक दौर से गुजर रहा है। पिछले 6 महीने में Nifty 500 में करीब 5% से ज्यादा की गिरावट आई है। यह बताता है कि देश की 500 सबसे बड़ी कंपनियों से निवेशकों ने लगातार पैसा बाहर निकाला है। FII/FPI निवेश के आंकड़े भी इस बात की तस्दीक करते हैं कि खासतौर पर विदेशी निवेशक भारतीय बाजार से बाहर जा रहे हैं। हालांकि, घरेलू संस्थागत निवेशकों और म्यूचुअल फंड इनफ्लो ने बाजार में बहुत बड़ी गिरावट को थामा है। लेकिन, बड़ा सवाल यही है कि विदेशी निवेशक क्यों भाग रहे हैं। इसके पीछे बाजार का टैक्स एक बड़ा मुद्दा उभरकर आया है।

क्यों भाग रहे विदेशी निवेशक

तमाम ब्रोकरेज रिपोर्ट, रिसर्च और एनालिस्ट इस बात पर सहमत हैं कि भारतीय बाजार से विदेशी निवेशकों के बाहर जाने के पीछे एक बड़ी वजह भारतीय बाजार का टैक्स ढांचा है। अमेरिका-ईरान युद्ध और ट्रंप टैरिफ जैसे जियोपॉलिटिकल कारणों के चलते भारत की ग्रोथ स्टोरी की रफ्तार भी धीमी पड़ी है। FDI में भी सुस्ती है। घरेलू मोर्चे पर महंगाई सिर उठा रही है। इन सबके साथ विदेशी निवेशकों को भारतीय बाजार में निवेश के लिए टैक्स के तौर पर एक बड़े एक्जिट और एंट्री बैरियर का सामना करना पड़ रहा है।

कितना है भारतीय बाजार में टैक्स?

भारतीय शेयर बाजार में निवेशकों को ट्रेडिंग और निवेश पर 7 अलग-अलग तरह के टैक्स चुकाने पड़ते हैं। इसके अलावा ब्रोकरेज फीस अलग से देनी पड़ती है। खासतौर पर सिक्योरिटीज ट्रांजैक्शन टैक्स (STT) और शॉर्ट टर्म कैपिटल गेन (STCG) व लॉन्गटर्म कैपिटल गेन (LTCG) ऐसे टैक्स हैं, जो विदेशी निवेशकों को खासतौर पर भारतीय बाजार से दूरी बनाने को मजबूर कर रहे हैं।

शुल्कविवरण
STT (सिक्योरिटीज ट्रांजेक्शन टैक्स)हर खरीद/बिक्री पर
GSTब्रोकरेज और ट्रांजेक्शन चार्ज पर
स्टांप ड्यूटीखरीद पर लागू
SEBI शुल्कनियामकीय शुल्क
एक्सचेंज चार्जNSE/BSE द्वारा वसूला जाता है
डिविडेंड टैक्सनिवेशक की आयकर स्लैब के अनुसार
भारतीय शेयर बाजार में FII/FPI को सबसे ज्यादा खटकने वाला टैक्स STCG है। लिस्टेड शेयरों में निवेश करने पर अगर मुनाफा होता है और निवेशक इस रकम को 12 महीने या इससे कम समय में निकालता है, तो उसक 20% शॉर्ट टर्म कैपिटल गेन टैक्स चुकाना पड़ता है। इसके अलावा लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन पर 12% टैक्स लगता है।

शेयर खरीदने से पहले चुकाने पड़ते हैं कुछ टैक्स

भारतीय शेयर बाजार अगर आप शेयर खरीदते हैं, तो शेयर के आपके डीमैट खाते में आने पहले ही कई तरह की फीस और टैक्स कट चुके होते हैं। मसलन, सबसे पहले आपको ब्रोकरेज फीस देनी होती है। इसके बाद आपका सिक्योरिटीज ट्रांजेक्शन टैक्स (STT) देना पड़ता है। इसके साथ ही स्टाम्प ड्यूटी, क्लियरिंग चार्ज, सेबी चार्ज और एक्सचेंज ट्रांजैक्शन फीस और इनके साथ ही जीएसटी तक चुकाना होता है। इसके बाद शेयर आपके खाते में पहुंचता है। ये सभी टैक्स, चार्ज और फीस इस बात की परवाह किए बिना कटते हैं कि बाद में आप शेयर को फायदे में बेच रहे हैं या घाटे में बेच रहे हैं। वहीं, अगर फायदा हो जाता है, तो STCG और LTCG अलग से चुकाने पड़ते हैं।

पहलूभारतअमेरिका
Brokerage0 या बहुत कम (कई डिस्काउंट ब्रोकर)ज्यादातर $0 (कमिशन-फ्री ट्रेडिंग)
Transaction TaxSTT (डिलीवरी पर 0.1% आदि)कोई STT नहीं, केवल मामूली SEC/TAF फीस
Capital Gains TaxSTCG: 20%LTCG: 12.5%Short-Term: सामान्य आयकर स्लैब के अनुसारLong-Term: 0%, 15% या 20%
अन्य फीसStamp Duty, GST, SEBI Charges, Exchange Feesबहुत कम Regulatory Fees
कुल ट्रेडिंग लागतअपेक्षाकृत अधिकअपेक्षाकृत बहुत कम

कैसी है दुनिया के बड़े बाजारों की तस्वीर

दुनिया का सबसे बड़ा शेयर बाजार अमेरिका का में है। करीब 70 से 75 लाख करोड़ डॉलर के मार्केट कैप वाले इस बाजार में करीब 5 हजार कंपनियां लिस्टेड हैं। वहीं, भारतीय बाजार का आकार 5 ट्रिलियन डॉलर से कम है। जबकि, भारतीय बाजार में भी करीब 5 हजार कंपनियां लिस्टेड हैं। कंपनियों की संख्या में बराबर होने के बाद भी अमेरिकी शेयर बाजार में लिस्टेड कंपनियों का कुल मार्केट कैप भारतीय बाजार से 15 गुना ज्यादा है। इसके बाद जब टैक्स के लिहाज से देखते हैं, तो बड़ा फर्क दिखता है। अमेरिका बाजार में जहां मोटे तौर पर एंट्री के समय सिर्फ ब्रोकरेज फीस और एक्सचेंज चार्ज देने पड़ते हैं। जबकि, भारत में कुल 7 तरह की फीस और चार्ज देने पड़ते हैं।

दुनिया के किस बाजार में कितना टैक्स?

RPG एंटरप्राइजेज के चेयरमैन हर्ष गोयनका ने X पर एक पोस्ट में कहा, टैक्स से रेवेन्यू आता है, जबकि इन्वेस्टमेंट से दौलत बनती है। उन्होंने भारतीय पॉलिसीमेकर्स से कॉम्पिटिटिव कैपिटल मार्केट के लिए दोनों में बैलेंस बनाने की अपील करते हुए एक इन्फोग्राफ शेयर किया है। इसमें बताया गया है कि दुनिया के बड़े बाजारों में कहां कितना टैक्स लगता है। इस इन्फोग्राफ के हिसाब से भारतीय बाजार टैक्स के लिहाज से सबसे ज्यादा टैक्स वसूलने वाला बाजार है।

मोटे तौर पर दुनिया के बड़े शेयर बाजारों में भारतीय बाजार में सबसे ज्यादा टैक्स लगता है। इसी नीचे दी गई टेबल से भी समझा जा सकता है। खासतौर पर हर ट्रांजैक्शन पर लगने वाला सिक्योरिटीज ट्रांजैक्शन टैक्स, स्टांप ड्यूटी, सेबी और एक्सचेंज की फीस भारतीय बाजार को कम प्रतिस्पर्धी बना रहे हैं।

देशLTCG (लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन टैक्स)STCG (शॉर्ट टर्म कैपिटल गेन टैक्स)ट्रांजेक्शन टैक्स (STT आदि)डिविडेंड टैक्स
सिंगापुर0%0%नहीं0%
हांगकांग0%0%नहीं0%
यूएई0%0%नहीं0%
ताइवान0% (व्यक्तिगत निवेशकों के लिए)0%सिक्योरिटीज ट्रांजेक्शन टैक्स लागूडिविडेंड पर आयकर
स्विट्जरलैंडनिजी निवेशकों के लिए 0%निजी निवेशकों के लिए 0%नहींबहुत कम / न्यूनतम
अमेरिका0%, 15% या 20% (आय के अनुसार)सामान्य आयकर स्लैब के अनुसार (37% तक)STT नहींरियायती दरें
जापानलगभग 20.315%लगभग 20.315%नहींलगभग 20.315%
दक्षिण कोरियाअधिकांश खुदरा निवेशकों के लिए 0%*0%*सिक्योरिटीज ट्रांजेक्शन टैक्स लागूडिविडेंड पर टैक्स
यूनाइटेड किंगडम (UK)18% या 24%18% या 24%नहींDividend Allowance उपलब्ध
कनाडालाभ का 50% टैक्सेबलLTCG जैसानहींरियायती व्यवस्था
चीन0%0%स्टांप ड्यूटी लागू0%–20% (होल्डिंग अवधि पर निर्भर)
ऑस्ट्रेलिया45% तक (1 वर्ष बाद 50% छूट)45% तकनहींअलग से टैक्स
जर्मनी25% फ्लैट टैक्स25% फ्लैट टैक्सनहीं25%
भारत12.5% (₹1.25 लाख तक छूट)20%STT लागूआयकर स्लैब के अनुसार

कौनसे बाजार निवेशकों के लिए सबसे ज्यादा टैक्स फ्रेंडली

सिंगापुर, हांगकांग और UAE निवेशकों के लिए सबसे ज्यादा टैक्स-फ्रेंडली शेयर बाजार हैं, क्योंकि यहां कैपिटल गेन टैक्स नहीं है। इसके अलावा ट्रांजेक्शन टैक्स भी नगण्य या शून्य है। इसके बाद ताइवान और स्विट्जरलैंड आते हैं। यहां रिटेल निवेशकों पर कैपिटल गेन टैक्स का बोझ बहुत कम है। अमेरिका भी निवेशकों के लिए अनुकूल है, क्योंकि भारत की तरह STT नहीं लगता। वहीं, भारत, जर्मनी और ऑस्ट्रेलिया जैसे बाजारों में कैपिटल गेन टैक्स के अलावा STT, स्टांप ड्यूटी, GST और अन्य शुल्क निवेशकों की लागत बढ़ाते हैं।

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