ITR Refund Process: कई टैक्सपेयर्स अकसर तय की गई तारीख से पहले आयकर विभाग के ई-फाइलिंग पोर्टल (E-Filling Portal) पर अपना रिटर्न फाइल तो कर देते हैं मगर उसे वेरिफाई करना भूल जाते हैं। टैक्स नियमों के अनुसार, सभी आईटीआर फाइल करने वालों को 30 दिनों के भीतर अपने रिटर्न को वेरिफाई करना जरूरी है।
लाखों लोगों को नहीं मिला आईटीआर रिफंड
जब कोई टैक्सपेयर अपने आईटीआर को वेरिफाई करने में विफल रहता है, तो ऐसे रिटर्न को प्रॉसेस के लिए नहीं लिया जाता और इसके नतीजे में टैक्स रिफंड जारी नहीं किया जा सकता है (यदि कोई हो)।
मिनटों का है काम
आईटीआर वेरिफिकेशन एक आसान प्रॉसेस है जिसे ऑनलाइन करने में कुछ मिनटों में अधिक समय नहीं लगेगा। हालाँकि, आयकर विभाग के अनुसार 23 अगस्त तक 31 लाख से अधिक टैक्सपेयर्स द्वारा अपने रिटर्न को वेरिफाई करना बाकी था।
कैसे करें वेरिफाई
- आयकर ई-फाइलिंग वेबसाइट लॉग इन करें
- ई-वेरिफाई रिटर्न पर क्लिक करें
- 'जनरेट इलेक्ट्रॉनिक वेरिफिकेशन कोड (ईवीसी)' टाइटल के तहत 'Through Bank Account' ऑप्शन चुनें
- 'कंटिन्यू' पर क्लिक करें
- मोबाइल नंबर या ईमेल पर प्राप्त ईवीसी को पंच करें 'ई-वेरिफाई' पर क्लिक करें
- सफलता संदेश "Return successfully e-verified" मैसेज स्क्रीन पर दिखेगा
इनवैलिड हो जाएगा आईटीआर
आईटीआर को वेरिफाई न करने से न केवल रिफंड में देरी होती है बल्कि 30 दिन की एक्सपायरी के बाद ऐसे रिटर्न को 'अमान्य' भी माना जाता है। देर से आयकर रिटर्न वेरिफाई करने पर आयकर अधिनियम के प्रावधानों के अनुसार जुर्माना लगाया जा सकता है।
