Engineering, Leather & Textile Sectors Tax Issues: नीति आयोग (NITI Aayog) इंजीनियरिंग, चमड़ा और कपड़ा क्षेत्रों में तैयार माल के मुकाबले कच्चे माल पर कम शुल्क लगाने समेत टैक्स से जुड़े मुद्दों पर गौर कर रहा है। एक अधिकारी के अनुसार इन क्षेत्रों में ग्रोथ को बढ़ावा देने के लिए मामले के समाधन को लेकर इसे उच्च प्राधिकरणों (Higher Authorities) के सामने रखा जा सकता है।
इंजीनियरिंग, चमड़ा और कपड़ा क्षेत्रों ने उठाया टैक्स का मुद्दा
चमड़ा और इंजीनियरिंग क्षेत्रों के प्रतिनिधियों ने कहा कि उन्होंने नीति आयोग के साथ जीएसटी (GST) और रिवर्स चार्ज स्ट्रक्चर यानी कच्चे माल के मुकाबले तैयार उत्पादों पर अधिक शुल्क लगाने से जुड़े मामलों की एक लिस्ट शेयर की है।
सरकार से समाधान मिलने की उम्मीद
उद्योग के एक अधिकारी ने कहा कि हम उम्मीद करते हैं कि सरकार उन मुद्दों को हल करेगी क्योंकि इससे देश से मैन्युफैक्चरिंग और निर्यात को बढ़ावा देने में मदद मिलेगी। चमड़ा क्षेत्र ने वेट ब्लू (नमी वाला क्रोम-टैन्ड चमड़ा), क्रस्ट (वैसा चमड़ा जिसे टैनिंग के बाद सुखाया जाता है लेकिन रंगा नहीं गया है) और तैयार चमड़े के आयात पर बेसिक कस्टम ड्यूटी की बहाली की सिफारिश की है।
44.2 लाख लोगों को रोजगार
यह कदम महत्वपूर्ण है क्योंकि ये तीनों क्षेत्र श्रम प्रधान हैं और देश के वस्तु निर्यात में इनका अहम योगदान है। चमड़ा और जूता उद्योग में 44.2 लाख लोगों को रोजगार मिला हुआ है। वित्त वर्ष 2022-23 में इसका निर्यात 5.26 अरब डॉलर (43516 करोड़ रु) था।
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि पिछले वित्त वर्ष में इंजीनियरिंग निर्यात कुल मिलाकर 107 अरब डॉलर (8.85 लाख करोड़ रु) था, जबकि कपड़ा क्षेत्र का निर्यात उस दौरान लगभग 36 अरब डॉलर (2.97 लाख करोड़ रु) था।
