Tata Sons IPO: जल्द ही टाटा ग्रुप की एक और कंपनी की लिस्टिंग हो सकती है। टाटा ग्रुप अपनी मेन निवेश होल्डिंग कंपनी और प्रमोटर टाटा संस का आईपीओ ला सकता है। अगले डेढ़ वर्षों में टाटा संस की लिस्टिंग हो सकती है। 150 साल से अधिक पुराना बिजनेस ग्रुप 2023 में टाटा टेक्नोलॉजीज का आईपीओ लाया था, जिसे शानदार रेस्पॉन्स मिला। टाटा मोटर्स की सब्सिडियरी कंपनी टाटा टेक टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) के बाद 19 सालों में लिस्ट होने वाली टाटा ग्रुप की पहली कंपनी रही।
टाटा संस लाएगी आईपीओ
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आरबीआई ने एनबीएफसी के रूप में किया क्लासिफाई
टाटा संस शेयर बाजार में डेब्यू करने वाली टाटा ग्रुप की अगली कंपनी हो सकती है। 150 अरब डॉलर वाले टाटा ग्रुप की होल्डिंग कंपनी को पिछले साल सितंबर 2023 में भारतीय रिजर्व बैंक ने 'Upper-Layer' वाली एनबीएफसी (नॉन-बैंकिंग फाइनेंस कंपनी) के रूप में क्लासिफाई किया था।
इस क्लासिफिकेशन के बाद टाटा ग्रुप की होल्डिंग कंपनी को 2 साल में यानी सितंबर 2025 तक लिस्ट होना जरूरी है।
टाटा संस में किसकी कितनी है हिस्सेदारी
टाटा संस में दोराबजी टाटा ट्रस्ट की 28% हिस्सेदारी है। वहीं रतन टाटा ट्रस्ट (24%), अन्य प्रमोटर ट्रस्ट (14%), स्टर्लिंग इन्वेस्टमेंट (9%), साइरस इन्वेस्टमेंट (9%), टाटा मोटर्स (3%), टाटा केमिकल्स (3%), टाटा पावर (2%), इंडियन होटल्स (1%) और अन्य 7% हिस्सेदारी के मालिक हैं।
ग्रुप कंपनी की लिस्टेड इंवेस्टमेंट की मार्केट वैल्यू 16 लाख करोड़ रुपये है। ग्रुप अन्य नॉन-लिस्टेड कंपनियों और स्टेप-डाउन सब्सिडियरी कंपनियों में अपनी हिस्सेदारी से 1-1.5 लाख करोड़ रुपये और प्राप्त कर सकता है।
डिस्क्लेमर : यहां मुख्य तौर पर संभावित आगामी आईपीओ की जानकारी दी गयी है, निवेश की सलाह नहीं। इक्विटी मार्केट में जोखिम होता है, इसलिए निवेश अपने जोखिम पर करें। निवेश करने से पहले एक्सपर्ट की राय जरूर लें।
