Tata May Bid For UTI AMC: मार्केट कैपिटल के हिसाब से भारत का सबसे बड़ा ग्रुप टाटा ग्रुप (Tata Group) यूटीआई एसेट मैनेजमेंट कंपनी (UTI AMC) के लिए बोली लगा सकता है। मगर फिलहाल टाटा ग्रुप विचार कर रहा है कि इसके लिए बोली लगाई जाए या नहीं। इसके लिए टाटा ग्रुप अपने सभी ऑप्शनों पर विचार कर रहा है और सावधानीपूर्वक मूल्यांकन कर रहा है। मुकेश अंबानी (Mukesh Ambani) की जियो फाइनेंशियल सर्विसेज (Jio Financial Services) के बाजार में एंट्री करने के बाद टाटा यूटीआई एएमसी के लिए बोली लगाने पर विचार कर रही है।
टाटा यूटीआई एएमसी के लिए बोली लगा सकती है
टाटा है पुरानी खिलाड़ी
जियो फाइनेंशियल सर्विसेज म्यूचुअल फंड सेगमेंट में भी एंट्री करेगी, जिससे अंबानी का टाटा ग्रुप से मुकाबला होगा। म्यूचुअल फंड सेगमेंट में टाटा पुरानी खिलाड़ी है। 1994 में शुरू की गई टाटा एसेट मैनेजमेंट प्राइवेट लिमिटेड का इन्वेस्टमेंट मैनेजमेंट में 29 वर्षों से अधिक का ट्रैक रिकॉर्ड है। टाटा एसेट मैनेजमेंट प्राइवेट लिमिटेड टाटा म्यूचुअल फंड के इन्वेस्टमेंट को मैनेज करती है।
यूटीआई एएमसी में किस-किस की हिस्सेदारी
चार सरकारी ऑर्गेनाइजेशंस (पंजाब नेशनल बैंक, एलआईसी, भारतीय स्टेट बैंक और बैंक ऑफ बड़ौदा) के पास यूटीआई एसेट मैनेजमेंट कंपनी की 45% से अधिक हिस्सेदारी है। ये सभी अपनी हिस्सेदारी बेचने के लिए विकल्प तलाश रही हैं। डील के लिए एसबीआई कैपिटल मार्केट्स को बैंकर के रूप में नियुक्त किया है।
कितना बड़ी है म्यूचुअल फंड इंडस्ट्री
जून 2023 तक 40 से अधिक एसेट मैनेजमेंट कंपनियों के पास लगभग 43.77 लाख करोड़ रु की एसेट अंडर मैनेजमेंट (एएमसी) है। इनमें एसबीआई म्यूचुअल फंड, आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल म्यूचुअल फंड और एचडीएफसी म्यूचुअल फंड देश की तीन सबसे बड़े एसेट मैनेजमेंट कंपनियां हैं।
