टेक्नोलॉजी ने जिंदगी को आसान बनाने का काम किया है। UPI भी उसी तकनीक का हिस्सा है, जिसने डिजिटल पेमेंट की दिशा में क्रांति लाने का काम किया है। इसी कारण अब भारत के अलावा कई दूसरे देश भी यूपीआई पेमेंट को अपना रहे हैं। बैंक से लेकर एनबीएफसी भी अब UPI के जरिये लोन से तमाम बैंकिंग काम आसानी से कर रहे हैं। अब बैंकों ने UPI के जरिये गोल्ड लोन देना शुरू किया है। आइए जानते हैं कि यह लोन मॉडल कैसे करता है काम?
गोल्ड लोन
यह कैसे काम करता है?
UPI के जरिये गोल्ड लोन देने की सुविधा कुछ बैंक और एनबीएफसी ने शुरू की है। अगर आप इस सुविधा का लाभ उठाना चाहते हैं तो आपको उस बैंक या एनबीएफसी का चयन करना होगा। गोल्ड लोन के लिए संबंधित बैंक या NBFC में सोना को फिजिकल ही जमा करना होगा। सोने को चेक करने के बाद बैंक आपके यूपीआई आईडी पर एक लोन अकाउंट बनाएगा। लोन पास होते ही यूपीआई के माध्यम से आपके बैंक अकाउंट में पैसा को ट्रांसफर कर दिया जाएगा। यह पूरी प्रक्रिया कागजी कार्रवाई को कम करने और प्रॉसेस को तेज करने में मदद करती है।
यूपीआई से गोल्ड लोन लेने के लाभ
यूपीआई के जरिये गोल्ड लोन लेने का सबसे अधिक लाभ यह है कि इसमें टाइम बहुत ही कम लगता है। लोन का प्रॉसेस पेपर लेस होता है, क्योंकि बैंक को यूपीआई के माध्यम से स्वीकृति और धन हस्तांतरण में वक्त नहीं लगता है। हालांकि यूपीआई के जरिये गोल्ड लोन लेना आसान है, लेकिन कई बातों का खास ख्याल रखना भी जरूरी है। यूपीआई के जरिये गोल्ड लोन लेने में ब्याज दरों, ऋण-से-मूल्य अनुपात और रीपेमेंट डेट पर ध्यान देना चाहिए।
