Sukanya Samriddhi Yojana : बेटी की पढ़ाई और शादी के खर्च को ध्यान में रखते हुए सरकार ने सुकन्या समृद्धि अकाउंट (Sukanya Samriddhi Account) की शुरुआत की थी। यह एक सुरक्षित और बेहतर रिटर्न देने वाली छोटी बचत योजना है, जिसे खासतौर पर बेटियों के भविष्य को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने के लिए बनाया गया है। यह योजना केंद्र सरकार के ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ अभियान के तहत साल 2015 में शुरू की गई थी। सुकन्या समृद्धि योजना में माता-पिता या अभिभावक अपनी बेटी के नाम पर खाता खुलवा सकते हैं और नियमित निवेश करके लंबी अवधि में बड़ा फंड तैयार कर सकते हैं। इस योजना में निवेश की गई रकम पर सरकार द्वारा तय ब्याज मिलता है और चक्रवृद्धि ब्याज (Compound Interest) के कारण समय के साथ पैसा तेजी से बढ़ता है।
सुकन्या समृद्धि योजना: बेटी के भविष्य के लिए ऐसे बना सकते हैं 50 लाख रुपये से ज्यादा का फंड
सुकन्या समृद्धि खाते पर मिल रहा है 8.2% ब्याज
वर्तमान समय में सुकन्या समृद्धि अकाउंट (SSA) पर 8.2 प्रतिशत सालाना ब्याज दर मिल रही है। इस योजना की ब्याज दर सरकार हर तीन महीने में समीक्षा करती है। मौजूदा ब्याज दर पर मिलने वाला ब्याज सालाना आधार पर कंपाउंड होता है, जिससे निवेशक को लंबे समय में काफी फायदा मिलता है। इस योजना की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसमें मिलने वाला रिटर्न पूरी तरह सुरक्षित होता है क्योंकि यह सरकार समर्थित योजना है। यही वजह है कि बड़ी संख्या में माता-पिता अपनी बेटियों के भविष्य के लिए इसमें निवेश कर रहे हैं।
हर साल कितना कर सकते हैं निवेश?
सुकन्या समृद्धि योजना में निवेश की शुरुआत केवल 250 रुपये सालाना से की जा सकती है। वहीं, एक वित्तीय वर्ष में अधिकतम 1.5 लाख रुपये तक जमा किए जा सकते हैं। खाते में लगातार 15 साल तक निवेश करना होता है। इसके बाद अगले 6 साल तक निवेश की जरूरत नहीं होती, लेकिन खाते में जमा राशि पर ब्याज मिलता रहता है। यानी कुल 21 साल पूरे होने के बाद खाताधारक अपनी पूरी रकम निकाल सकता है।
सिर्फ 1.05 लाख रुपये सालाना निवेश से बन सकता है 50 लाख रुपये का फंड
अगर कोई माता-पिता अपनी बेटी के सुकन्या समृद्धि खाते में हर साल 1.05 लाख रुपये जमा करते हैं और ब्याज दर 8.2 प्रतिशत बनी रहती है, तो 21 साल की अवधि पूरी होने पर करीब 50.27 लाख रुपये का फंड तैयार हो सकता है। इसमें निवेश की कुल रकम केवल 15.75 लाख रुपये होगी। वहीं, कंपाउंड ब्याज के कारण करीब 34.52 लाख रुपये का अतिरिक्त फायदा मिल सकता है। हालांकि यह अनुमान मौजूदा 8.2 प्रतिशत ब्याज दर के आधार पर है। भविष्य में ब्याज दरों में बदलाव होने पर अंतिम राशि भी बदल सकती है।
कैसे काम करता है सुकन्या समृद्धि अकाउंट?
इस योजना में निवेशक को शुरुआती 15 वर्षों तक हर साल पैसे जमा करने होते हैं। इसके बाद खाता अगले 6 साल तक चलता रहता है और इस दौरान जमा रकम पर चक्रवृद्धि ब्याज मिलता रहता है। यानी निवेश अवधि पूरी होने के बाद भी पैसा बढ़ता रहता है। 21 साल पूरे होने पर बेटी के नाम जमा पूरी राशि निकाली जा सकती है। यह रकम बेटी की उच्च शिक्षा, करियर या शादी जैसे बड़े खर्चों के लिए इस्तेमाल की जा सकती है।
ब्याज की गणना कैसे होती है?
सुकन्या समृद्धि खाते में ब्याज की गणना हर महीने खाते में मौजूद सबसे कम बैलेंस के आधार पर की जाती है। इसमें महीने की 5 तारीख के बाद से महीने के अंत तक मौजूद न्यूनतम राशि को ध्यान में रखा जाता है। हर वित्तीय वर्ष के अंत में खाते में ब्याज जोड़ दिया जाता है। इसलिए अगर निवेशक हर महीने की 5 तारीख से पहले रकम जमा कर देता है, तो उसे अधिक ब्याज का फायदा मिल सकता है।
टैक्स में भी मिलता है बड़ा फायदा
सुकन्या समृद्धि योजना को EEE (Exempt-Exempt-Exempt) कैटेगरी में रखा गया है। इसका मतलब है कि इसमें निवेश करने पर टैक्स छूट मिलती है। इस योजना में जमा की गई रकम पर आयकर अधिनियम की धारा 80C के तहत सालाना 1.5 लाख रुपये तक टैक्स छूट का लाभ लिया जा सकता है। इसके अलावा खाते से मिलने वाला ब्याज और मैच्योरिटी पर मिलने वाली पूरी राशि भी टैक्स फ्री होती है।
बेटी के सुरक्षित भविष्य के लिए बेहतर विकल्प
सुकन्या समृद्धि योजना उन माता-पिता के लिए एक अच्छा विकल्प है, जो अपनी बेटी के भविष्य के लिए लंबे समय तक सुरक्षित निवेश करना चाहते हैं। कम जोखिम, सरकारी गारंटी, टैक्स लाभ और कंपाउंड ब्याज की सुविधा इस योजना को खास बनाती है। नियमित निवेश के जरिए इसमें बेटी के लिए लाखों रुपये का बड़ा फंड तैयार किया जा सकता है।
