बेटी के भविष्य और उच्च शिक्षा को सुरक्षित करने के लिए शुरू की गई सुकन्या समृद्धि योजना (SSY) देश की सबसे लोकप्रिय छोटी बचत योजनाओं में से एक है। अक्सर माता-पिता के मन में यह सवाल जरूर आता है कि बेटी की शादी के बाद इस खाते का क्या होता है और क्या शादी के बाद यह खाता पूरी तरह बंद हो जाता है? नियमों के अनुसार, शादी होने मात्र से सुकन्या समृद्धि योजना का खाता अपने आप बंद नहीं होता है। खाताधारक बेटी की उम्र अगर 21 वर्ष पूरी नहीं हुई है, तो यह खाता सामान्य रूप से चालू रह सकता है और इसमें मेच्योरिटी अवधि तक निवेश जारी रखा जा सकता है। हालांकि, शादी के बाद इस खाते से पैसों की निकासी और इसके संचालन को लेकर कुछ खास और महत्वपूर्ण नियम बनाए गए हैं, जिन्हें जानना हर अभिभावक के लिए बेहद जरूरी है।
बेटी की शादी के बाद सुकन्या समृद्धि योजना से पैसे निकालने का क्या है नियम
कब निकाल सकते हैं पैसे?
सुकन्या समृद्धि योजना के नियमों के मुताबिक, अगर बेटी की उम्र 18 वर्ष या उससे अधिक हो जाती है और उसका विवाह तय हो जाता है, तो इस स्थिति में खाते से पैसे निकालने की अनुमति मिल जाती है। इसे आंशिक निकासी (Partial Withdrawal) कहा जाता है, जिसका उपयोग बेटी की शादी के खर्चों को पूरा करने के लिए किया जा सकता है। हालांकि, इसके लिए एक बड़ी शर्त यह है कि पैसे केवल बेटी के विवाह के समय या उसके ठीक एक महीने पहले से लेकर शादी के तीन महीने बाद तक ही निकाले जा सकते हैं। इस निकासी की सीमा भी तय है, जिसके तहत वित्तीय वर्ष के अंत में खाते में मौजूद कुल बैलेंस का अधिकतम 50 प्रतिशत हिस्सा ही निकाला जा सकता है। इसके अलावा, निकासी के लिए बैंक या पोस्ट ऑफिस में फॉर्म के साथ बेटी की उम्र का प्रमाण पत्र और सक्षम प्राधिकारी द्वारा जारी विवाह का प्रमाण पत्र या आमंत्रण पत्र देना अनिवार्य होता है।
कब बंद होता है अकाउंट?
दूसरी ओर, अगर बेटी का विवाह 18 वर्ष की उम्र से पहले हो जाता है, तो ऐसी स्थिति में खाता तुरंत बंद नहीं होता, बल्कि नियम यह कहते हैं कि खाताधारक बेटी के 18 वर्ष की उम्र प्राप्त करने तक इस खाते में कोई नया पैसा जमा या निवेश नहीं किया जा सकता। इसके बावजूद, अगर खाताधारक चाहे तो बेटी के 18 वर्ष की होने के बाद विवाह के उद्देश्य से नियमों के तहत आंशिक निकासी की प्रक्रिया पूरी कर सकती है। इसके अलावा, सुकन्या समृद्धि योजना की मूल परिपक्वता अवधि (Maturity Period) खाता खुलने की तारीख से 21 साल होती है। अगर बेटी की शादी 21 साल की अवधि पूरी होने से पहले भी हो जाती है, तब भी अगर खाता बंद नहीं कराया जाता है, तो यह अपने तय 21 साल पूरे होने पर ही पूरी तरह से मेच्योर होता है और सारा पैसा ब्याज सहित निकाला जा सकता है। अंततः, अगर विवाह के बाद खाता बंद करने की नौबत आती है, तो शादी की तारीख से जुड़े विधिवत दस्तावेज प्रस्तुत करके इस पूरी प्रक्रिया को कानूनी रूप से पूरा किया जा सकता है।
