Stock Market Crash 5 August 2024: कमजोर वैश्विक संकेतों के बीच भारतीय शेयर बाजार 5 अगस्त को भारी गिरावट के साथ बंद। सेंसेक्स 2,222.55 अंक या 2.74 प्रतिशत की गिरावट के साथ 78,759.40 पर बंद हुआ। वहीं निफ्टी 662.10 अंक या 2.68 प्रतिशत की गिरावट के साथ 24,055.60 पर रहा। इस गिरावट के दो प्रमुख कारण माने जा रहे हैं। पहला अमेरिका में मंदी की चिंता और ईरान-इजराइल के बीच बढ़ता तनाव। शेयर बाजार में गिरावट के बीच निवेशकों की दौलत में 15.41 लाख करोड़ रु की गिरावट आई है। अमेरिका में मंदी की चिंता के बीच आज जापान के शेयर बाजार में 12 फीसदी से ज्यादा की गिरावट आई, जो 37 सालों में सबसे अधिक है। वहीं ताइवान का शेयर बाजार 8.4 फीसदी गिरा, जो वहां के मार्केट के लिए 57 सालों की सबसे बड़ी गिरावट है।
शेयर बाजार हुआ क्रैश
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निवेशकों की दौलत घटी
सोमवार को निवेशकों की दौलत में 15.41 लाख करोड़ रु की गिरावट आई है। बीएसई पर लिस्टेड सभी कंपनियों की कुल मार्केट कैप शुक्रवार के 4,57,16,946.13 करोड़ रु से घटकर 4,41,75,230.79 करोड़ रु रह गई।प्री-ओपनिंग में भारी गिरावट
शेयर बाजार में प्री-ओपनिंग में भारी गिरावट दिखी। सेंसेक्स 2790 अंक और निफ्टी 487 अंक गिर गया है। इससे पहले जापान के शेयर बाजार में सोमवार को भारी गिरावट दर्ज की गई, जिसमें पिछले सप्ताह भी गिरावट आई थी। सुबह के कारोबार में जापान का निक्केई 225 इंडेक्स 7% से अधिक गिर गया। वैसे निक्केई में 2,500 से अधिक अंक की गिरावट आई है।
सेंसेक्स के इन शेयरों में सबसे अधिक गिरावट
- टाटा मोटर्स : 4.2 फीसदी
- जेएसडब्लू स्टील : 3.3 फीसदी
- मारुति : 3.31 फीसदी
- पावर ग्रिड : 2.85 फीसदी
- अडानी पोर्ट्स : 2.76 फीसदी
क्यों क्रैश हुआ मार्केट
अमेरिका में मंदी को लेकर चिंता बढ़ी है। ईटी की रिपोर्ट के अनुसार अमेरिका में हाल के आर्थिक संकेतक मंदी की ओर इशारा कर रहे हैं। कई विश्लेषकों का कहना है कि अगले साल की शुरुआत में अर्थव्यवस्था मंदी में जा सकती है।बेरोजगारी दर बढ़कर 4.3% हो गई, जिससे श्रम बाजार के कमजोर होने और अर्थव्यवस्था के मंदी की चपेट में आने की आशंका बढ़ गई।
ये हैं गिरावट के अन्य कारण
- कच्चे तेल की कीमत 8 महीने के निचले स्तर पर पहुंची; बिटकॉइन में 10% की गिरावट
- जापान का टॉपिक्स इंडेक्स जुलाई के हाई लेवल से 20% गिरा
- अमेरिका का 2-वर्षीय ट्रेजरी यील्ड मई 2023 के बाद से 11 बीपीएस (0.11%) गिरकर सबसे निचले स्तर पर
- एशिया के हाई-ग्रेड डॉलर बॉन्ड स्प्रेड में 22 महीनों में सबसे ज़्यादा बढ़ोतरी
- जापान का निक्केई 225 VIX 50% बढ़ा, जो अप्रैल 2020 के बाद सबसे ज़्यादा है
- जापान का निक्केई 10 जनवरी के बाद पहली बार 34000 से नीचे गिरा
सख्त मोनेटरी पॉलिसी का भी असर
एक साल से यूएस फेडरल रिजर्व ने बेंचमार्क लोन रेट को 23 साल के उच्चतम स्तर 5.25%-5.50% पर बनाए रखा है। कुछ विश्लेषकों को चिंता है कि यह लंबे समय तक चलने वाली सख्त मौद्रिक नीति अर्थव्यवस्था को मंदी की ओर धकेल सकती है।
