Sovereign Gold Bond: समय से पहले रिडीम करें या मैच्योरिटी तक रखें? जानें क्या है बेहतर विकल्प

सोने से कमाई के वैसे तो कई ऑप्शन हैं SGB यानी गोल्ड बॉन्ड भी उन्ही में से एक है। ऐसे में अगर आपने गोल्ड बॉन्ड में पैसा लगाया है तो ये खबर आपके काम की साबित हो सकती है। ऐसा इसलिए क्योंकि सोने ने दिवाली से पहले निवेशकों को गजब का रिटर्न दिया था लेकिन अब सोने की कीमतें अपने फेयर प्राइस पर लौट रही हैं। ऐसे में गोल्ड बॉन्ड को समय से पहले रिडीम कर लेना ठीक रहेगा या मैच्योरिटी तक रखना आइए जानते हैं?

सोने में कमाई के कई तरीके हैं और SGB यानी सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड भी उनमें से एक बेहतरीन विकल्प माना जाता है। अगर आप भी SGB में निवेश कर चुके हैं, तो यह खबर आपके लिए काम की साबित हो सकती है। दिवाली से पहले गोल्ड ने निवेशकों को शानदार रिटर्न दिए थे, लेकिन अब सोने की कीमतें धीरे–धीरे अपने वास्तविक स्तर यानी फेयर प्राइस की तरफ लौटती दिखाई दे रही हैं। ऐसे में यह समझना जरुरी है कि आगे क्या रणनीति अपनानी चाहिए। अगर आपने Sovereign Gold Bond (SGB) में निवेश किया है और इस साल सोने की तेजी देखकर उलझन में हैं कि मुनाफा निकालें या निवेश जारी रखें, तो यह जानकारी आपके काम आएगी। 2025 में गोल्ड ने रिकॉर्ड बढ़त दर्ज की है, जिसके बाद कई निवेशक सोच रहे हैं कि SGB बेचना सही रहेगा या मैच्योरिटी तक होल्ड करना बेहतर है।

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सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड क्या है?

SGB सरकार की ओर से जारी एक सुरक्षित गोल्ड निवेश विकल्प है। इसमें सोने की कीमत के साथ-साथ हर साल 2.5% ब्याज भी मिलता है। इसकी अवधि 8 साल होती है, लेकिन 5 साल बाद RBI के जरिए प्रीमैच्योर रिडेम्प्शन यानी जल्दी बेचने का विकल्प उपलब्ध रहता है।

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