फरवरी में अबतक विदेशी निवेशकों ने शेयर बाजार में डाले ₹19,675 करोड़, फिर सेंसेक्स-निफ्टी क्यों फिसले?

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के असर को लेकर आईटी शेयर भारी दबाब में है। भारतीय आईटी कंपनियों के शेयरों में बड़ी गिरावट देखी गई है। इसके चलते विदेशी निवेशकों की ओर से खरीदारी के बावजूद बाजार में तेजी नहीं आ रही है।

फरवरी महीने में विदेशी निवशक भारतीय बाजार में लौट आए हैं। अमेरिका-भारत ट्रेड डील के बाद विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (एफपीआई) ने फरवरी के पहले दो सप्ताह में भारतीय शेयर बाजार में 19,675 करोड़ रुपये डाले हैं। डिपॉजिटरी के आंकड़ों के मुताबिक, एफपीआई का यह प्रवाह लगातार 3 माह की भारी बिकवाली के बाद हुआ है। एफपीआई ने जनवरी में भारतीय शेयर बाजार से 35,962 करोड़ रुपये, दिसंबर में 22,611 करोड़ रुपये और नवंबर में 3,765 करोड़ रुपये निकाले थे। हालांकि, अब जब विदेशी निवेशक भारतीय बाजार में पैसा डाल रहे हैं तो भी शेयर बाजार टूट रहा है? आखिर इसकी वजह क्या है? आइए जानते हैं।

Stock Market crash

सेंसेक्स-निफ्टी क्यों फिसले?

आईटी शेयर में गिरावट से फिसला बाजार

भारतीय बाजार में विदेशी निवेशक ने फरवरी में पैसा जरूर लगाया है लेकिन आईटी शेयरों ने बाजार का मूड खराब कर दिया है। एक्सचें के आंकड़ों के अनुसार 13 फरवरी को निफ्टी में 336 अंक की गिरावट के दौरान एफपीआई ने 7,395 करोड़ रुपये के शेयर बेचे। इस सप्ताह ’एंथ्रोपिक झटके’ की वजह से आईटी शेयरों में भारी बिकवाली देखने को मिली। आईटी शेयरों में यह बिकवाली एआई यानी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के असर के अंदेशा के कारण है।

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