Mumbai-Ahmedabad Bullet Train Update : नेशनल हाई स्पीड रेल कॉरपोरेशन लिमिटेड (NHSRCL) ने कहा कि भारत की पहली बुलेट ट्रेन परियोजना मुंबई-अहमदाबाद हाई स्पीड रेल कॉरिडोर में अत्याधुनिक सिग्नलिंग और दूरसंचार प्रणाली लगाई जाएगी। इसका ठेका एक संयुक्त समूह को दिया है। इस समूह का नेतृत्व सीमेंस लिमिटेड, सीमेंस मोबिलिटी जीएमबीएच और दिनेशचंद्र आर अग्रवाल इंफ्राकॉन प्राइवेट लिमिटेड (DRAIPL) कर रहे हैं।
बुलेट-ट्रेन अपडेट
ठेके की कुल लागत 4100 करोड़ रुपये
सीमेंस लिमिटेड द्वारा जारी प्रेस रिलीज के अनुसार, इस ठेके की कुल अनुमानित लागत 4100 करोड़ रुपये है, जिसमें से 1,230 करोड़ रुपये का हिस्सा सीमेंस लिमिटेड के पास होगा। यह ठेका न केवल आधुनिक तकनीकों को तैयार करने और स्थापित करने के लिए है, बल्कि इसके लॉन्ग टर्म रखरखाव की जिम्मेदारी भी शामिल है।
54 महीनों में पूरा होगा कार्य, 15 साल की रखरखाव सेवा
इस परियोजना को 54 महीनों में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। साथ ही, सीमेंस लिमिटेड अगले 15 वर्षों तक इस प्रणाली के रखरखाव की सेवाएं प्रदान करेगा, ताकि ट्रैक पर निरंतर उच्च गुणवत्ता और सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
‘मेक इन इंडिया’ और भविष्य के ट्रांसपोर्ट सिस्टम का प्रतीक
सीमेंस लिमिटेड के प्रबंध निदेशक एवं सीईओ सुनील माथुर ने इस साझेदारी को भारत के लिए एक गौरवपूर्ण अवसर बताया। उन्होंने कहा कि हम NHSRCL के साथ इस प्रतिष्ठित उच्च गति रेल परियोजना में साझेदारी कर गर्व महसूस कर रहे हैं। यह ‘मेक इन इंडिया’ को समर्थन देने और टिकाऊ, भविष्य के अनुकूल परिवहन प्रणाली उपलब्ध कराने की हमारी प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
बुलेट ट्रेन का सपना हो रहा साकार
NHSRCL भारत में उच्च गति रेल परियोजनाओं के निर्माण, वित्तपोषण और प्रबंधन की जिम्मेदारी संभालता है। यह अनुबंध भारत के पहले बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट के लिए एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है, जो न केवल यात्रा का समय घटाएगा बल्कि देश की आधुनिक परिवहन संरचना को भी नया आयाम देगा। (भाषा इनपुट के साथ)
