ET Now Global Business Summit 2024: ईटी नाउ ग्लोबल बिजनेस समिट 2024 के दूसरे दिन शार्क टैंक इंडिया के जजों की क्लास लगी। समिट में अमन गुप्ता, नमिता थापर जैसे शार्क के साथ स्नैपडील सीईओ और जेप्टो के सीईओ आदित पालिचा ने बिजनेस शुरू करने की कहानी बताई। एमक्योर फार्मास्युटिकल्स की सीईओ और को-फाउंडर, नमिता थापर ने कहा कि बिजनेस के लिए नई कैटेगरी बनाना बहुत जरूरी है। वहीं स्नैपडील के सीईओ, कुणाल ने कहा कि जब मैं 2007 में अपनी बिजनेस यात्रा शुरू कर रहा था तो उद्यमिता और तकनीकी उद्यमिता जैसे कोई शब्द नहीं थे। 2007 में स्टार्टअप इंडिया लॉन्च हुआ उसके बाद मुझे बिजनेस करने का आईडिया आया। अमन गुप्ता (बोट के को-फाउंडर और सीएमओ), आदित पालिचा (जेप्टो के सीईओ और को-फाउंडर) और मुकेश बंसल (मिंत्रा के फाउंडर) ने भी बिजनेस टिप्स दिए।
ET Now Global Business Summit 2024
शार्क ने दिए बिजनेस टिप्स
एमक्योर फार्मास्युटिकल्स की सीईओ और को-फाउंडर, नमिता थापर ने भी बिजनेस को लेकर अपनी राय दी। उन्होंने कहा कि बिजनेस के लिए नई कैटेगरी बनाना बहुत जरूरी है। यहां जितने भी बड़े ब्रांड आप जानते हैं सभी ने अपनी अलग कैटेगरी बनाई है। आप जेप्टो, बोट और मिंत्रा को उदाहरण के दौर पर देख सकते हैं।
उन्होंने कहा कि प्रोडक्ट मार्केट में फिट है तो आपका बिजनेस चल सकता है। वहीं मुनाफे के साथ नुकसान का प्लान भी बनाएं। आपको अपने बिजनेस के बारे में सभी चीजों के बारे में सोचना चाहिए। कि आपको किससे मुकाबला करना है और कितना आपको नुकसान झेलना पड़ सकता है।
कम उम्र में इन्वेस्ट करना जरूरी- कुणाल बहल
स्नैपडील और टाइटन कैपिटल के को-फाउंडर कुणाल बहल ने कहा कि उन्होंने निवेश शुरू करने का कारण 'संस्थापकों की मदद करना' था। इन्फो एज इंडिया के फाउंडर संजीव बिखचंदानी के साथ बातचीत में बहल ने कहा कि स्टार्टअप्स में निवेश करने का उनका मंत्र 'जल्दी निवेश करना' और 'लंबे समय तक निवेशित रहना' है। बिखचंदानी के मुताबिक, बहल ने टाइटन कैपिटल के जरिए 270 स्टार्टअप्स में निवेश किया है। बहल ने कहा कि जब उन्होंने व्यवसाय शुरू किया, तो 'स्टार्टअप' नाम का कोई शब्द नहीं था और रोल मॉडल की संख्या बहुत सीमित थी।
शार्क्स से सीखकर एक बेहतर निवेशक बने अमन
बोट के को-फाउंडर और सीएमओ, अमन गुप्ता ने बताया कि कैसे वह अन्य शार्क्स से बहुत कुछ सीखकर एक बेहतर निवेशक बने। उन्होंने कहा "दो साल पहले, मेरे पास निवेश करने के लिए पैसे नहीं थे। पत्नी कमाती थी... मैं जलता था... 2021 शार्क टैंक में पहला साल था... मैंने शार्क टैंक पर बहुत कुछ सीखा, और मैं अब शार्क टैंक के बाहर निवेश नहीं करता।" उन्होंने 20 कंपनियों में 6 करोड़ रुपये का निवेश किया, गुप्ता ने कहा कि उन्होंने पूरी पूंजी सिर्फ एक कंपनी में हुए लाभ से वसूल की।
नमिता ने बताया ट्रोल्स से बचने का तरीका
बातचीत के दौरान एमक्योर फार्मास्युटिकल्स की सीईओ और को-फाउंडर, नमिता थापर ने अपनी टी शर्ट पर लिखा कोट्स भी हाईलाइट किया, जिसपर लिखा था 'पापा की परी'। नमिता ने कहा"ट्रोल्स से निपटने का सबसे अच्छा तरीका है इसके साथ आनंद लेना, इसे अपनाना और इसे अपनाना।"
स्टार्टअप इंडिया से मिला बिजनेस का आइडिया
स्नैपडील के सीईओ और को-फाउंडर, कुणाल बहल ने कहा, "मैं यहां हूं क्योंकि जब मैं 2007 में अपनी यात्रा शुरू कर रहा था तो उद्यमिता और तकनीकी उद्यमिता के लिए साहित्यिक जो रोल मॉडल था, मुझे नहीं पता था कि उसने मुझे यह तब बताया जब वह भारत वापस आया। उस समय जब प्रधानमंत्री ने 2007 में स्टार्टअप इंडिया लॉन्च किया था, तब या तो आप एक बिजनेस चलाते थे या आपने नौकरी की थी, कुछ भी पता नहीं था क्योंकि कोई भी स्टार्टअप शब्द नहीं जानता था, पहले भारतीय स्टार्टअप इकोसिस्टम में शुरुआती दिनों में इस यात्रा में एक लंबा सफर तय करना होता था।
