Share Market Today : शेयर बाजार में बुधवार 29 जुलाई को जोरदार तेजी देखने को मिली है। बेंचमार्क इंडेक्स Sensex जहां 800 अंक से ज्यादा की तेजी के साथ 77,593.59 तक पहुंच गया है। वहीं, Nifty 200 अंक से ज्यादा की तेजी के साथ 24,221.70 अंक तक उछल गया है। आमतौर पर कच्चे तेल की कीमतें बढ़ने पर भारतीय शेयर बाजार दबाव में आ जाता है, क्योंकि भारत अपनी जरूरत का अधिकांश क्रूड आयात करता है। लेकिन बुधवार को तस्वीर बिल्कुल अलग रही। पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच कच्चा तेल महंगा हुआ, फिर भी भारतीय शेयर बाजार में जोरदार खरीदारी देखने को मिली। इसका जवाब घरेलू और वैश्विक दोनों मोर्चों पर मिले सकारात्मक संकेतों में छिपा है।
इन वजहों से आई बाजार में तेजी
महंगा क्रूड क्यों नहीं बिगाड़ पाया बाजार का मूड?
कच्चे तेल की कीमतों में तेजी के बावजूद निवेशकों का फोकस उन कारणों पर रहा जो बाजार के लिए ज्यादा सकारात्मक थे। सबसे बड़ी वजह आईटी शेयरों में जबरदस्त खरीदारी रही। इसके अलावा विदेशी निवेशकों की वापसी, अमेरिकी फेडरल रिजर्व से राहत की उम्मीद और बाजार में घटती घबराहट ने तेल की महंगाई के असर को काफी हद तक संतुलित कर दिया।
IT शेयरों में ताबड़तोड़ खरीदारी
आज की तेजी का सबसे बड़ा इंजन IT सेक्टर रहा। Nifty IT इंडेक्स करीब 2.5% चढ़ गया और लगातार तीसरे कारोबारी सत्र में इसकी कुल तेजी 8% से ज्यादा हो गई। वैश्विक स्तर पर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से जुड़े चिप शेयरों में मुनाफावसूली के बाद निवेशक अब भारतीय आईटी कंपनियों की ओर लौट रहे हैं। इसी वजह से टीसीएस, इन्फोसिस, एचसीएल टेक, विप्रो और टेक महिंद्रा जैसे शेयरों में अच्छी खरीदारी देखने को मिली।
विदेशी निवेशकों ने फिर दिखाई दिलचस्पी
विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) की खरीदारी ने भी बाजार का भरोसा बढ़ाया। शुरुआती आंकड़ों के अनुसार मंगलवार को विदेशी निवेशकों ने 755 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे। लगातार कई सत्रों की बिकवाली के बाद यह खरीदारी बाजार के लिए सकारात्मक संकेत मानी जा रही है।
तेजी के पक्ष में तकनीकी संकेत
चार्ट पर भी बाजार मजबूत स्थिति में दिखाई दे रहा है। विश्लेषकों का कहना है कि जब तक निफ्टी 24,050 के ऊपर बना रहता है, तब तक तेजी जारी रह सकती है। यदि यह स्तर कायम रहता है तो आने वाले दिनों में निफ्टी 24,500 की ओर बढ़ सकता है। वहीं 23,800 का स्तर मजबूत सपोर्ट माना जा रहा है।
फेड के फैसले से पहले सकारात्मक माहौल
आज अमेरिकी फेडरल रिजर्व की बैठक का फैसला भी आना है। बाजार को उम्मीद है कि फेड फिलहाल ब्याज दरों में बदलाव नहीं करेगा। यही उम्मीद निवेशकों का भरोसा बढ़ा रही है।
हालांकि, विशेषज्ञों का कहना है कि अगर फेड उम्मीद से ज्यादा सख्त रुख अपनाता है तो वैश्विक बाजारों में उतार-चढ़ाव बढ़ सकता है। फिलहाल निवेशक मान रहे हैं कि मौजूदा बैठक से कोई बड़ा झटका नहीं मिलेगा।
बाजार का डर कम हुआ
India Vix जिसे बाजार का 'फियर इंडेक्स' कहा जाता है, करीब 2% गिर गया। इसका मतलब है कि निवेशकों के बीच घबराहट कम हुई है और निकट भविष्य में बड़ी बिकवाली की आशंका फिलहाल कमजोर पड़ गई है। कम अस्थिरता आमतौर पर बाजार के लिए सकारात्मक संकेत मानी जाती है।
किन सेक्टरों ने दिखाई सबसे ज्यादा ताकत?
बाजार में आईटी के अलावा मेटल, एफएमसीजी, फार्मा और हेल्थकेयर शेयरों में भी अच्छी खरीदारी देखने को मिली। वहीं रियल्टी इंडेक्स हल्के दबाव में रहा। व्यापक बाजार यानी मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भी तेजी रही, जिससे निवेशकों का भरोसा मजबूत दिखा।
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