Share Market Today : घरेलू शेयर बाजार ने आज मजबूती के साथ शुरुआत की और दिन के आखिर में मजबूती के साथ बंद हुआ। बेंचमार्क इंडेक्स Nifty जहां 182 अंक तेजी में बंद हुआ। वहीं, Sensex 609 अंक के उछाल के साथ बंद हुआ। हालांकि, दोपहर में सेंसेक्स 1000 अंक से ज्यादा उछलकर 77,969.60 तक पहुंच गया। वहीं, निफ्टी 300 अंक से ज्यादा उछलकर 24,331.80 तक चला गया है।
शेयर बाजार में तेजी
दिन के आखिर में निफ्टी 50 करीब 182 अंकों की बढ़त के साथ 24,177.65 पर बंद हुआ, जबकि सेंसेक्स 609 अंकों की तेजी के साथ 77,496.36 के स्तर पर पहुंच गया। दिनभर के कारोबार में निफ्टी ने 24,334 का हाई और 24,059 का लो छुआ, वहीं सेंसेक्स 77,982 तक चढ़ा और 77,136 तक फिसला, लेकिन अंत में खरीदारी बनी रहने से बाजार हरे निशान में बंद हुआ।
हालांकि, दिलचस्प बात यह है कि Brent Crude अब भी 110 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर है और रुपये में भी गिरावट देखने को मिली है। लेकिन, इसके बाद भी शेयर बाजार में तेजी का माहौल है।
क्यों आई बाजार में तेजी?
बाजार में तेजी के पीछे कई फैक्टर काम कर रहे हैं। मसलन, वैल्यू बायिंग, सेक्टर रोटेशन के साथ ही पॉलिसी और पॉलिटिकल हालात को भी बाजार प्राइस इन करता दिख रहा है। मसलन Bengal Election भी एक ट्रिगर बना हुआ है।
वैल्यू बाइंग ने दी पहली मजबूती : फरवरी से मार्च के बीच बाजार लंबे कंसोलिडेशन से गुजरा है। अब नए वित्त वर्ष में निवेशक नई परिस्थितियों के हिसाब से सेक्टोरल आधार पर रोटेशन करते हुए नए निवेश कर रहे हैं। खासतौर पर इसे वैल्यू बायिंग माना जा रहा है। यही वजह है कि ऑटो, रियल्टी, IT और FMCG जैसे सेक्टर्स में जमकर खरीदारी हो रही है। दरअसल, मंगलवार को Sensex 416 अंक और Nifty 97 अंक गिरा था, जिससे कई अच्छे स्टॉक्स आकर्षक वैल्यूएशन पर आ गए।
कच्चे तेल का असर क्यों नहीं? ग्लोबल मार्केट में Brent Crude की कीमत अब भी 110 डॉलर प्रति बैरल पर है। हालांकि, कीमत में स्थिरता देखने को मिल रही है। इसके अलावा UAE के ओपेक से बाहर आने के असर को भी बाजार प्राइस इन कर रहा है। इसके अलावा भारत सरकार ने फ्यूल ब्लेंडिंग के नए नियम नोटिफाई किए हैं, जो लॉन्ग टर्म में क्रूड के आयात का बोझ कम कर सकते हैं। यही वजह है कि क्रूड में अपेक्षाकृत तेजी के बाद भी बाजार तेजी में है।
Q4 नतीजों ने बढ़ाया भरोसा : तिमाही नतीजों का असर भी बाजार में साफ दिखा। Maruti Suzuki के शेयर करीब 4% चढ़े, भले ही मुनाफे में गिरावट रही, लेकिन ब्रोकरेज हाउस ने डिमांड और वॉल्यूम को पॉजिटिव बताया। वहीं Eternal में 2% और Star Health में 8.6% की तेजी आई। ऑटो इंडेक्स करीब 2.5% तक उछलकर टॉप गेनर बना।
बंगाल चुनाव भी दे रहे पॉजिटिव पुश : भले ही बंगाल चुनाव अभी संपन्न नहीं हुए हैं। लेकिन, शेयर बाजार के निवेशक बंगाल चुनावों पर भी नजरें टिकाए हैं। क्योंकि, बंगाल चुनाव के नतीजे आगे चलकर नेशनल पॉलिटिकल लैंडस्केप पर सीधा असर डाल सकते हैं। सूत्रों के मुताबिक ग्रे मार्केट में निवेशक और सटोरिये बंगाल में अब तक हुए बंपर मतदान को नेशनल पॉलिटिक्स में स्टेबिलिटी के फैक्टर के तौर पर देख रहे हैं।
ग्लोबल संकेतों के बीच घरेलू मजबूती
हालांकि ग्लोबल बाजारों से संकेत पूरी तरह मजबूत नहीं थे, फिर भी घरेलू बाजार ने अपनी मजबूती दिखाई। यह संकेत देता है कि स्थानीय फैक्टर्स और निवेशकों का भरोसा बाजार को सपोर्ट कर रहा है। मौजूदा ट्रेंड को देखते हुए बाजार में आज पॉजिटिव रुख बना रह सकता है, लेकिन ऊंचे स्तरों पर हल्की मुनाफावसूली भी देखने को मिल सकती है। ऐसे में दिनभर बाजार में उतार-चढ़ाव के साथ तेजी का रुख बरकरार रह सकता है।
ब्रॉड मार्केट में मजबूती
आज के सत्र में ब्रॉड मार्केट ने मिलाजुला लेकिन स्थिर रुख दिखाया, जहां लार्जकैप की तुलना में मिडकैप और स्मॉलकैप में थोड़ी सुस्ती नजर आई। Nifty 500 करीब 0.46% की बढ़त के साथ बंद हुआ, लेकिन Midcap 100 लगभग फ्लैट रहा और Midcap 50 में हल्की गिरावट दिखी। वहीं Smallcap 100 में करीब 0.65% की मजबूती बनी रही, जो संकेत देता है कि बाजार में चुनिंदा स्मॉलकैप शेयरों में अभी भी खरीदारी जारी है। ओवरऑल ट्रेंड यह दर्शाता है कि ब्रॉड मार्केट में रैली थकान के संकेत दे रही है और निवेशक अब चुनिंदा स्टॉक्स में ही पैसा लगा रहे हैं।
सेक्टोरल मार्केट में पॉजिटिव रुख
सेक्टोरल फ्रंट पर आज साफ तौर पर रोटेशनल ट्रेंड देखने को मिला। FMCG सेक्टर ने 1.75% की मजबूत बढ़त के साथ सबसे ज्यादा आउटपरफॉर्म किया, जबकि रियल्टी और ऑटो सेक्टर में भी 1% से ज्यादा की तेजी रही। IT और ऑयल एंड गैस सेक्टर में भी मजबूती बनी रही, जो बाजार को सपोर्ट देती रही। वहीं PSU बैंक और कंज्यूमर ड्यूरेबल्स सेक्टर दबाव में रहे, जबकि मीडिया इंडेक्स में भी गिरावट दर्ज हुई। कुल मिलाकर सेक्टोरल ट्रेंड यह संकेत देता है कि निवेशक डिफेंसिव और थीमेटिक सेक्टर की ओर शिफ्ट हो रहे हैं, जबकि हाई-बीटा सेक्टर्स में मुनाफावसूली देखने को मिल रही है।
