Stock Market Today (30-Apr-2026) घरेलू शेयर बाजार में गुरुवार को भारी उतार-चढ़ाव देखने को मिला। भले ही Sensex और Nifty लाल निशान में बंद हुए। लेकिन, दिन के आखिर में निचले स्तरों से रिकवरी देखने को मिली है। लेकिन, निफ्टी 180 और सेंसेक्स 583 अंक की गिरावट के साथ बंद हुआ। बाजार में हुई बिकवाली के चलते निवेशकों को करीब 4 लाख करोड़ का नुकसान हुआ है। गिरावट के पीछे क्रूड के दामों में तेजी को सबसे बड़ी वजह माना गया है।
शेयर बाजार में गिरावट
दिन में NIFTY 380 अंक यानी 1 फीसदी से ज्यादा टूटकर 23,796.85 तक फिसल गया। लेकिन, दिन के आखिर में 0.74% की गिरावट के साथ 180.10 अंक फिसलकर 23,997.55 अंक पर बंद हुआ। वहीं, वहीं, Sensex दिन में 1200 अंक से ज्यादा की गिरावट के साथ 76,258.86 तक फिसल गया है। लेकिन, दिन के अंत में 0.75% की गिरावट के साथ 582.86 अंक टूटकर 76,913.50 अंक पर बंद हुआ।
किन कारणों से टूटा बाजार?
ग्लोबल मार्केट में कमजोरी, खासकर एशियाई बाजारों में गिरावट और कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल ने निवेशकों का सेंटिमेंट कमजोर किया। Brent Crude 112 डॉलर के पार पहुंच गया है, जिससे महंगाई और ब्याज दरों को लेकर चिंता बढ़ गई है। ग्लोबल संकेतों की कमजोरी और एशियाई बाजारों में गिरावट का असर भारतीय बाजार पर साफ दिखा। GIFT Nifty पहले ही निगेटिव संकेत दे रहा था, जिसके बाद ओपनिंग में ही बिकवाली हावी हो गई। क्रूड के अलावा टॉप लेवल से मुनाफावसूली, सेक्टर रोटेशन और रिजल्ट रिएक्शन भी देखने को मिल रहा है। इसके अलावा निवेशक घरेलू पॉलिसी और पॉलिटिकल माहौल को लेकर भी सतर्कता बरत रहे हैं।
1. क्रूड ऑयल में उछाल, महंगाई का खतरा बढ़ा : Brent Crude 5% उछलकर 124 डॉलर प्रति बैरल के करीब पहुंच गया। ईरान के पोर्ट्स पर संभावित ब्लॉकेड की आशंका से सप्लाई डिसरप्शन का डर बढ़ा है। भारत जैसे बड़े क्रूड इंपोर्टर के लिए यह सीधे तौर पर महंगाई, करंट अकाउंट डेफिसिट और कॉर्पोरेट मार्जिन पर दबाव डालता है।
2. ग्लोबल संकेत कमजोर, Fed का ‘Wait & Watch’ मोड : US बाजारों में कमजोरी और फेडरल रिजर्व का सतर्क रुख निवेशकों को डरा रहा है। ब्याज दरें 3.50%–3.75% पर स्थिर रखने का फैसला यह दिखाता है कि महंगाई अभी भी कंट्रोल में नहीं है। एशियाई बाजारों में गिरावट और बॉन्ड यील्ड में उछाल ने रिस्क सेंटिमेंट और कमजोर किया।
3. वोलैटिलिटी में उछाल, बढ़ी घबराहट : India VIX 11% से ज्यादा उछलकर 19.36 पर पहुंच गया। यह साफ संकेत है कि बाजार में डर और अनिश्चितता बढ़ रही है। जियोपॉलिटिकल तनाव और क्रूड की तेजी ने निवेशकों को सतर्क कर दिया है।
4. सेक्टोरल स्तर पर चौतरफा कमजोरी : बैंकिंग, ऑटो और मेटल सेक्टर में सबसे ज्यादा बिकवाली रही। NIFTY Bank, NIFTY Auto और NIFTY Metal सभी में 1–1.5% तक गिरावट दर्ज हुई। यह बताता है कि बाजार में “Risk-Off” मूड हावी है।
5. रुपया रिकॉर्ड निचले स्तर पर, बॉन्ड यील्ड में उछाल : भारतीय रुपया 95.23 के रिकॉर्ड निचले स्तर तक फिसल गया, जिससे विदेशी निवेशकों की चिंता और बढ़ी।
साथ ही 10 साल की बॉन्ड यील्ड 7.06% तक पहुंच गई, जो इक्विटी मार्केट के लिए नेगेटिव संकेत है।
ब्रॉड मार्केट में चौतरफा बिकवाली
आज बाजार में गिरावट व्यापक रही, जहां NIFTY 100, NIFTY 200 और NIFTY 500 सभी में करीब 0.8%–1% तक की कमजोरी दर्ज हुई, जबकि NIFTY Midcap 100 और NIFTY Smallcap 100 भी दबाव में रहे, जो संकेत देता है कि बिकवाली पूरे बाजार में फैली हुई है और निवेशक जोखिम कम कर रहे हैं।
सेक्टोरल मार्केट में दबाव जारी
सेक्टोरल स्तर पर सबसे ज्यादा दबाव हाई बीटा सेक्टरों में दिखा, जहां NIFTY Metal 2% से ज्यादा टूटा और NIFTY PSU Bank, NIFTY Financial Services और NIFTY Realty में 1% से ज्यादा गिरावट रही, जबकि NIFTY IT और NIFTY Pharma अपेक्षाकृत स्थिर रहे, जिससे साफ है कि बाजार में “रिस्क-ऑफ” सेंटिमेंट हावी है और निवेशक डिफेंसिव सेक्टर की ओर शिफ्ट हो रहे हैं।
