भारतीय शेयर बाजार में सोमवार को जहां ज्यादातर शेयरों पर बिकवाली का दबाव दिखा, वहीं एक छोटा-सा माइक्रो-कैप शेयर अचानक रॉकेट बन गया। RTS Power Corporation Limited का शेयर 28 सितंबर, 2026 को करीब 20% उछलकर अपने अपर सर्किट ₹125.50 पर पहुंच गया। खास बात यह रही कि शेयर ने दिन के ऊपरी स्तर पर ही कारोबार खत्म किया और इसी के साथ यह अपने 52-week high पर पहुंच गया।
अपर सर्किट में शेयर
शेयर ने सोमवार को ₹116.30 पर कारोबार की शुरुआत की थी, जबकि पिछला क्लोजिंग प्राइस ₹104.59 था। इसके बाद खरीदारी बढ़ी और शेयर ₹125.50 तक पहुंच गया। जहां बाजार का व्यापक रुख कमजोर था, वहीं RTS Power में तेज उछाल ने निवेशकों का ध्यान खींच लिया। लेकिन, बड़ा सवाल यह है कि आखिर ऐसा क्या हुआ कि गिरते बाजार में इस शेयर में अचानक इतनी तेजी आ गई?
28 सितंबर को आखिर बदला क्या?
RTS Power में सोमवार की तेजी के पीछे सबसे बड़ा ट्रिगर कंपनी के मैनेजिंग डायरेक्टर अभय भूटोरिया का 28 सितंबर को प्रकाशित इंटरव्यू माना जा रहा है। इस बातचीत में उन्होंने कंपनी के विस्तार से जुड़ी अहम जानकारी साझा की। कंपनी राजस्थान के रींगस के पास श्री खाटूश्यामजी इंडस्ट्रियल एरिया में गैल्वनाइज्ड स्टील वायर बनाने का नया प्लांट लगा रही है। इस प्लांट की क्षमता करीब 1,500 से 2,000 मीट्रिक टन प्रति माह रहने की उम्मीद है।
क्यों है यह बदलाव अहम?
इस परियोजना पर करीब ₹35 करोड़ के निवेश की योजना है। कंपनी के मुताबिक, इसका बड़ा हिस्सा आंतरिक संसाधनों से पूरा किया जाएगा, जबकि बैंक फाइनेंसिंग मुख्य रूप से वर्किंग कैपिटल की जरूरतों तक सीमित रहेगी। यानी कंपनी सिर्फ मौजूदा कारोबार पर निर्भर रहने के बजाय अपनी मैन्युफैक्चरिंग क्षमता बढ़ाने की दिशा में आगे बढ़ रही है। यही खबर शेयर में अचानक आई खरीदारी के पीछे एक अहम वजह हो सकती है।
RTS Power करती क्या है?
RTS Power का कारोबार बिजली क्षेत्र से जुड़ा है। कंपनी मुख्य रूप से पावर और डिस्ट्रीब्यूशन ट्रांसफॉर्मर, केबल, कंडक्टर और गैल्वनाइज्ड स्टील वायर बनाती है। इसके अलावा कंपनी की विंड पावर जेनरेशन में भी सीमित मौजूदगी है। कंपनी के ट्रांसफॉर्मर प्रोडक्ट्स में ऑयल-कूल्ड और ड्राई टाइप ट्रांसफॉर्मर शामिल हैं। इनका इस्तेमाल बिजली के जेनरेशन, ट्रांसमिशन और डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क में किया जाता है। कंपनी के ग्राहक आधार में राज्य बिजली बोर्ड, NTPC, Indian Railways और अलग-अलग EPC कॉन्ट्रैक्टर जैसे ग्राहक शामिल हैं। इसलिए इसका कारोबार सीधे तौर पर बिजली और इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़े खर्च और ऑर्डर साइकल से जुड़ा हुआ है।
सिर्फ नई फैक्ट्री ही वजह नहीं
RTS Power के शेयर में तेजी सिर्फ एक्सपेंशन स्टोरी पर आधारित नहीं दिखती। कंपनी के हालिया वित्तीय नतीजों में भी बदलाव देखने को मिला है।
शेयर में सोमवार की तेजी अचानक शून्य से शुरू नहीं हुई। शेयर ने हाल की ट्रेडिंग में पहले भी मजबूती दिखाई थी और इससे पहले एक बार अपर सर्किट भी छू चुका था। सोमवार की तेजी के बाद शेयर ₹125.50 के स्तर तक पहुंच गया, जो उसका नया 52-week high है।
शेयर में तेजी और बड़ा जोखिम
RTS Power का सबसे बड़ा आकर्षण फिलहाल इसकी एक्सपेंशन स्टोरी और हालिया प्रॉफिटेबिलिटी टनअराउंड है। लेकिन दूसरी तरफ लिक्विडिटी (Liquidity) को लेकर जोखिम भी काफी ज्यादा है। सोमवार को करीब 1.14 लाख शेयरों का कारोबार हुआ। उपलब्ध ट्रेडिंग आंकड़ों के मुताबिक पिछले 30 दिनों में 100 से भी कम यूनीक PANs ने इस शेयर में कारोबार किया था। कम लिक्विडिटी वाले ऐसे शेयरों में थोड़ी सी खरीदारी भी कीमत को तेजी से ऊपर ले जा सकती है और उतनी ही तेजी से गिरावट भी आ सकती है। इसके अलावा कंपनी में प्रमोटर्स की हिस्सेदारी करीब 74% है। इसका मतलब बाजार में उपलब्ध फ्री फ्लोट सीमित है। कम फ्री फ्लोट और कम लिक्विडिटी मिलकर प्राइस स्विंग को और तेज बना सकते हैं।
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