हफ्ते के चौथे कारोबारी दिन गुरुवार को घरेलू शेयर बाजार मामूली बढ़त के साथ बंद हुआ। Sensex 373.76 अंक (0.48%) चढ़कर 78,954.76 पर बंद हुआ, जबकि Nifty 11.35 अंक (0.05%) की मामूली बढ़त के साथ 24,636 पर बंद हुआ। कारोबार के दौरान निफ्टी 24,677 तक गया, लेकिन ऊपरी स्तरों पर मुनाफावसूली देखने को मिली। बाजार को सबसे ज्यादा सहारा रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयरों से मिला, जबकि बैंकिंग शेयरों ने भी मजबूती दिखाई। दूसरी ओर ऑटो, आईटी, मेटल और रियल्टी शेयरों में दबाव रहा।
शेयर बाजार
रिलायंस और बैंकिंग शेयरों ने संभाला बाजार
आज रिलायंस इंडस्ट्रीज करीब 2.5% चढ़कर निफ्टी का सबसे बड़ा गेनर रहा। इसके अलावा बैंकिंग शेयरों में खरीदारी से निफ्टी बैंक 0.56% मजबूत होकर 58,063.65 पर बंद हुआ। सेंसेक्स की बढ़त में रिलायंस का सबसे बड़ा योगदान रहा, जबकि चुनिंदा वित्तीय शेयरों ने भी बाजार को सपोर्ट दिया।
किन सेक्टरों में रही सबसे ज्यादा हलचल?
बाजार में सेक्टरवार मिला-जुला रुख देखने को मिला। तेजी वाले सेक्टर में सबसे ज्यादा खरीदारी PSU Bank में रही, जिसके चलते Nifty PSU Bank इंडेक्स 2.20% चढ़कर बंद हुआ। इसी तरह केमिकल सेक्टर में 1.30%, ऑयल एंड गैस में 0.79% और कंज्यूमर ड्यूरेबल्स में 0.31% की तेजी देखने को मिली है। वहीं, गिरावट वाले सेक्टर में रियल्टी में सबसे ज्यादा 1.32% की गिरावट देखने को मिली। इसके अलावा निफ्टी मीडिया में 1.28%, ऑटो 1.01%, मेटल 0.99% और
आईटी में 0.95% की गिरावट देखने को मिली है।
मिडकैप और स्मॉलकैप में मिला-जुला कारोबार
लार्जकैप शेयरों के मुकाबले मिडकैप शेयरों में हल्की कमजोरी रही। निफ्टी मिडकैप 100 में जहां 0.44% की गिरावट हुई। निफ्टी मिडकैप 50 0.51% गिर गया। वहीं, निफ्टी स्मॉलकैप 100 में 0.48% और निफ्टी स्मॉलकैप 50 में 1.04% की तेजी देखने को मिली। इससे साफ है कि छोटे शेयरों में चुनिंदा खरीदारी बनी रही, जबकि मिडकैप में मुनाफावसूली देखने को मिली।
कच्चे तेल की कीमतों से मिला सपोर्ट
बाजार को वैश्विक मोर्चे से भी राहत मिली। ब्रेंट क्रूड 80 डॉलर प्रति बैरल से नीचे, करीब 79 डॉलर पर कारोबार करता रहा। निवेशकों की नजर ईरान-ओमान वार्ता पर रही। अगर इस दिशा में सकारात्मक प्रगति होती है तो ऊर्जा आपूर्ति को लेकर चिंता कम हो सकती है, जिससे भारत जैसे तेल आयातक देशों को फायदा मिलेगा। कमजोर कच्चे तेल की कीमतें महंगाई और आयात बिल दोनों पर दबाव कम कर सकती हैं, जिससे बाजार की धारणा मजबूत रहती है।
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